शिक्षकों के निलंबन पर विभाग की चुप्पी
निर्वाचन कार्य में बाधा डालने के आरोप में एसडीएम सदर राम प्रसाद ने पांच शिक्षक नेताओं को त्वरित निलंबित करने के लिए लिखा था। पत्र लिखे 18 दिन हो गए मगर अभी तक बीएसए की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। जो कि चर्चा का विषय बना हुआ है।
कार्रवाई न होने के मामले में एसडीएम ने बताया कि अभी तक बीएसए ने क्यों नहीं कोई कार्रवाई की इसके बारे में पता करता हूं, कहा कि हर हाल में शिक्षकों के विरुद्घ करवाई जाएगी। वहीं बीएसए मनिराम सिंह ने कहा कि मामला उनके कार्यकाल का नहीं है, मगर फिर भी इस बारे में पता करता हूं। 18 जून को सदर तहसील में मतदाता पुनरीक्षण को लेकर शिक्षक से बीएलओ बने लगभग 104 लोगों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच कोर्ट और शासनादेश का हवाला देते हुए कुछ शिक्षक नेता कार्यक्रम स्थल पर आ गए।
आरोप है कि कुछ शिक्षकों को शिक्षक नेता जबरिया कार्यक्रम स्थल से ले गए, जिसके चलते प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं हुआ। इस पर एसडीएम रामप्रसाद ने चुनाव कार्य में बाधा डालने वाले प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद सिंह, जिला मंत्री शांति भूषण त्रिपाठी, सदर ब्लॉक के मंत्री राजेश गिरी, नगर क्षेत्र के मंत्री महमूद और पूर्व नगर मंत्री आंनद सिंह को निलंबित करने के लिए बीएसए को पत्र लिख। पत्र लिखे 18 दिन हो गए मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह का तबादला भी हो गया।