बस्ती। माध्यमिक शिक्षक संघ ने बुधवार को डीआईओएस कार्यालय पर अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने प्रदेश स्तरीय समस्याओं को लेकर धरना दिया। मुख्यमंत्री संबोधित 16 सूत्री मांग-पत्र जिला विद्यालय निरीक्षक को दिया।
जिलाध्यक्ष शिवपाल सिंह ने कहा कि सरकार में बैठे लोग एक देश एक कानून की बात करते हैं तो एक देश एक पेंशन की बात क्यों नहीं करते। संसद में बैठे लोग पुरानी पेंशन की मलाई काट रहे हैं, लेकिन पूरा जीवन देश की सेवा में लगाने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बुढ़ापे के सहारे के नाम पर एनपीएस का झुनझुना पकड़ाया जा रहा है। यह सरकार सरकार एक-एक करके सारी उपलब्धियों को छीनने पर आमादा है।
मंडलीय मंत्री रामेश्वर सिंह ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर पुरानी पेंशन के लिए आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। अब 2024 के महा चुनाव तक संघर्षों का यह दौर जारी रहेगा, जब तक सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं कर देती। बताया कि जब अन्य राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल हो सकती है तो उत्तर प्रदेश में ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है।
धरने को मंडलीय मंत्री रामेश्वर सिंह, उपाध्यक्ष रामगोपाल यादव, डॉ. विकास भट्ट कामिल, वेद प्रकाश द्विवेदी, अजय शुक्ल, सर्वेन्द्र नारायण द्विवेदी आदि ने भी संबोधित किया। मांग पत्र में उसमें पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन का भुगतान, निशुल्क चिकित्सा सुविधा, तदर्थ शिक्षकों को विनियमित कर उनके वेतन का भुगतान, बोर्ड परीक्षा के परीक्षकों को सीबीएसई के समान भुगतान किये जाने, माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर तथा व्यवसायिक शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा दिये जाने, शिक्षकों के स्थानांतरण नीति में आवश्यक संशोधन कर उसे सरल बनाए जाने। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति किए जाने आदि माँगें शामिल हैं। इस मौके पर धर्मपाल सिंह, श्रीकांत, देवेंद्र तिवारी, अतुल सिंह, हेमंत कुमार चौधरी, ललित कुमार, अजय कुमार, जयसिंह आदि मौजूद रहे।