प्रमाण पत्रों के सत्यापन में खुली पोल, असली शिक्षक महाराजगंज में दे रहे हैं सेवा
बीएसए ने वेतन की वसूली के लिए लेखाधिकारी को लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में दूसरे के प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रहे शिक्षक की सेवा बीएसए ने शुक्रवार को समाप्त कर दी। जिस शिक्षक के दस्तावेज के सहारे यह शख्स नौकरी कर रहा था वे बतौर शिक्षक महाराजगंज जिले में सेवा दे रहे हैं।
दरअसल, शिक्षकों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी की शिकायत हुई थी। इसके बाद बीएसए ने जांच टीम का गठन कर जांच का निर्देश दिया। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया। इसकी भनक लगते ही आरोपी शिक्षक गायब हो गए। इसी क्रम में बनकटी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पड़री में कार्यरत शिक्षक मार्कंडेय त्रिपाठी की जांच कराई गई। इन्होंने अपने ही नाम के दूसरे शिक्षक के दस्तावेजों के सहारे नौकरी प्राप्त कर ली थी। जिस मार्कंडेय के दस्तावेजों का सहारा लिया गया वे महराजगंज जिले में सेवा दे रहे हैं।
बीएसए जगदीश शुक्ला ने बताया कि मार्कंडेय त्रिपाठी 2013 में आजमगढ़ से स्थानांतरित होकर बस्ती में आए थे। प्राथमिक विद्यालय पड़री में इनकी तैनाती थी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उनकी सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। वेतन की वसूली के लिए लेखाधिकारी को पत्र लिखा गया है।
पहले भी फर्जीवाड़े के मामले आ चुके हैं जिले में
मार्कंडेय के मामले से पूर्व भी जिले में कई मामले आ चुके हैं। इसी वर्ष जुलाई में कई शिक्षकों को बर्खास्त किया गया था। ये लोग बनकटी, गौर, कुदरहा, सल्टौआ व हर्रैया में सेवा दे रहे थे। बीएसए कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बनकटी ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गुलरिहा सेमरा में तैनात प्रधानाध्यापक सतीश प्रसाद, गौर ब्लॉक क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय कटया में तैनात सहायक अध्यापक विपिन कुमार, कुदरहा ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कबरा खास में तैनात प्रधानाध्यापक प्रियंका चौधरी, कुदरहा ब्लॉक क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बानपुर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात राणा प्रताप सिंह, सल्टौआ ब्लॉक क्षेत्र के बढ़या सरदहा में तैनात सहायक अध्यापक ध्रुव नारायण और हर्रैया ब्लॉक के बड़हरकला में तैनात प्रधानाध्यापिका मालती पांडेय को इस वर्ष जुलाई में बर्खास्त किया जा चुका है।