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घर-घर भ्रमण कर टीबी मरीज खोजेगी 125 टीम

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घर-घर टीबी मरीज खोजेंगी 125 टीमें
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बस्ती। क्षय रोग को 2025 तक जड़ से समाप्त करने के लिए तंत्र ताकत लगाए हुए है। इसके तहत दूसरे चरण में टीबी मरीज खोजो अभियान की तैैयारी शुरू हो गई है। तय योजना के अनुसार 125 टीमें घर-घर मरीजों को खोजेंगी। इसके तहत इस बार भी करीब 51 हजार घरों के ढाई लाख से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग कर टीम रोगियों की पहचान करेगी। जो रोगी इस स्क्रीनिंग में सामने आएंगे उनको यह रोग है अथवा नहीं इसका सत्यापन करने के लिए उनके बलगम की जांच होगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त अभियान की दूसरे चरण की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। हालांकि इस अभियान का दूसरा चरण 16 मार्च से शुरू होगा, मगर इसे लेकर जिम्मेदारों ने ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया है। पिछले अभियान की तर्ज पर ही 125 टीमों को तैयार किया जा रहा है। यह टीमें गांव-गली तक के घरों को खंगालेगी। टीम के सदस्य हर घर पर पहुंच कर वहां खांसी के मरीजों की स्क्रीनिंग करेंगे। इसके लिए वे प्राथमिक स्तर पर पूछताछ, द्वितीय स्तर पर बलगम जांच जबकि तृतीय यानी अंतिम रूप से टीबी रोग है अथवा नहीं इसके सत्यापन के लिए सीबीनेट की जांच कराई जाएगी। उल्लेेखनीय है कि पिछले अभियान में जिले के 2.64 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग टीम ने की थी। इसमें 1107 के द्वितीय चरण में बलगम तक की जांच हुई थी, मगर इसमें केवल 69 मरीज ही टीबी के पाए गए थे। यही नहीं जिला कारागार में भी इस रोग के छह रोगी पाए गए जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि 16 से 24 मार्च तक टीबी रोगी खोजो अभियान चलेगा। इसके लिए योजना तैयार कर ली गई है। पिछले अभियान की तर्ज पर ही घर-घर रोगियों की तलाश होगी। जिले के करीब 51 हजार घरों तक टीम पहुंचेगी। इस बार के अभियान का पर्यवेक्षण भी होगा। आम लोगों को यदि दो सप्ताह से अधिक खांसी आ रही है तो उनके सभी आवश्यक जांच टीम कराएगी। यदि कोई भी टीबी का रोगी पाया जाएगा तो उसका इलाज जरूर के मुताबिक दवा अथवा अस्पताल में भर्ती कर किया जाएगा।
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