दुबौलिया। सरयू नदी के दो प्रमुख घाटों उनियार और शेरवाघाट पर आज भी स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का मुख्य साधन नाव ही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे अक्सर आंबेडकरनगर, अयोध्या और सुल्तानपुर की ओर जाने के लिए नाव का सहारा लेते हैं, इससे समय और किराए दोनों की बचत होती है। नदी जब तेज उफान पर होती है, तब लोग नाव से आने-जाने से परहेज करते हैं, लेकिन जैसे ही पानी कम होता है, नावों का संचालन शुरू हो जाता है। इन घाटों पर नाव सुबह से शाम तक चलती हैं। यह ठेकेदार द्वारा चलवाई जाती हैं, जहां शुल्क वसूली भी की जाती है। लोगों के अनुसार, टांडा पुल की मरम्मत के कारण अब इन घाटों पर यात्रियों की संख्या और बढ़ गई है। क्षेत्र के बब्बुल तिवारी ने बताया कि आसपास के लोगों की अधिकतर रिश्तेदारियां आंबेडकरनगर और सुल्तानपुर में हैं, इसलिए लोग इसी मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं।