कार्यक्रम में शामिल ग्राम्य राज्य विकास मंत्री।
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बस्ती। लाभार्थीपरक योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए ग्राम प्रधानों एवं ग्राम स्तरीय कर्मचारियों की शुक्रवार को कार्यशाला आयोजित की गई। योजनाओं की बारीकियां समझाने के साथ ही फीडबैक लिया गया। सभी को जिम्मेदारी निर्वहन की शपथ दिलाई गई। मुख्य अतिथि उप्र. सरकार के ग्राम्य विकास मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत गांवों में बसता है। जब तक ग्रामोदय नहीं तब तक भारत का विकास नहीं हो सकता। ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारी है कि शासन की योजनाओं को पारदर्शी ढंग से लागू कराएं। कहा कि यदि योजनाओं के लाभ में अपात्र का चयन हुआ है तो एफआईआर, रिकवरी, जेल जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।
इससे पहले कार्यशाला का शुभारंभ मंडलायुक्त अलका टंडन भटनागर के दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। कमिश्नर ने कहा कि ऐसी कार्यशाला से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी ही पारदर्शिता के साथ प्रधान आदि जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बढ़ेगा। अध्यक्षता कर रहे डीएम डॉ. राजशेखर ने सभी अधिकारियों, प्रधानों और कर्मचारियों को जनहित में सकारात्मक सोच व टीम भावना के साथ विकास कार्यों को करने की शपथ दिलाई। सीडीओ अरविंद कुमार पाण्डेय ने स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास, समग्र ग्राम योजना, मनरेगा, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, पेशन योजना, पोषण मिशन, उज्ज्वला योजना, उजाला योजना, सौभाग्य योजना, आयुष्मान भारत, फसल बीमा योजना, मुख्यमंत्री फलोद्यान आदि योजनाओं पर चर्चा के साथ ही 31 अगस्त 18 तक संपूर्ण शौचालय निर्माण तथा दो अक्टूबर 18 तक ओडीएफ घोषित करने में सहयोग की अपील की। कार्यशाला में 1235 प्रधान, 139 न्याय पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं के अलावा सीएमओ, डॉ. जेएलएम कुशवाहा, डीडीओ एनके श्रीवास्तव, पीडी आरपी सिंह, पंचायत राज अधिकारी शिव शंकर सिंह, उप निदेशक सूचना डॉ. मुरलीधर सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, उद्यान अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, अभियंताओं के अलावा ब्लॉकस्तरीय अधिकारी भी शामिल रहे।