बस्ती। चैत्र पूर्णिमा को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मनोरमा और कुआनो नदी के संगम में स्नान कर पूजन अर्चन किया। बाबा मोक्षेश्वरनाथ पर जलाभिषेक कर लिट्टी चोखे को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने दान पुण्य भी किए। कुछ लोगों ने संगम तट पर गोदान भी किया।
चैत्र पूर्णिमा पर लालगंज में संगम तट पर में लगने वाले मेला में मुंडेरवा, महादेवा, कुरियार, पिपरा गौतम, गनेशपुर, खलीलाबाद, बरडाड़ सहित दूर दराज गांवों और कस्बों के लोगों का आगमन गुरुवार से ही होने लगा था। मान्यता है कि प्रभु श्रीराम ने महर्षि उद्यालक मुनि की तपोभूमि पर मनोरमा कुआनो नदी के संगम तट पर चैत्र पूर्णिमा के इसी दिन स्नान किया, साथ ही रात्रि विश्राम भी किया था। ऐसी मान्यता है कि लिट्टी चोखा बना कर भी खाया था।
संगम तट पर लगने वाले मेले में मौत का कुंआ, झूला सर्कस, काला जादू, आकर्षण के केंद्र है। बड़ी संख्या में खजला व्यापारी भी मेले में बुलंदशहर सेे आए हुए है। मेला प्रभारी ओंकार नाथ उपाध्याय ने बताया कि मेले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस कांस्टेबल के साथ ही एक सेक्सन पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। अग्निशमन दस्ता भी मौजूद है।
परशुरामपुर प्रतिनिधि के अनुसार, मखौड़ा धाम में सुबह से ही चैत्र पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। मंदिर परसिर में भव्य मेले का आयोजन किया गया। दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने मनोरमा नदी में स्नान किया। साधु-संतों को अनाज तथा धन दान किया। मंदिर परिसर में लिट्ठी-चोखा बनाकर प्रसाद स्वरूप खाया तथा सबको खिलाया।
क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आई जोगीरा की टीमों ने मेला क्षेत्र मे जोगीरा नाच किया। क्षेत्रीय लोगों ने मिट्टी के बरतन, लकड़ी के बने सामान और महिलाओं ने दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीदी। बच्चों ने झूले का आनन्द उठाया। शाम को 84 कोसी परिक्रमा में शामिल होने के लिये साधु संतों का जत्था मखौड़ा धाम पहुंचने लगा। शनिवार की सुबह मखौड़ा धाम से ही 84 कोसी परिक्रमा शुरुआत होगी।
आज मखौड़ा से शुरू होगी परिक्रमा
महराजगंज। 23 अप्रैल से चौरासी कोसी परिक्रमा मखौड़ा धाम से शुरू होगी। इसकी जानकारी देते हुए विश्व हिन्दु परिषद के कार्यकारी जिलाध्यक्ष दिनेश मिश्रा ने बताया कि आज शाम को मखौड़ा धाम में साधु संतों का जमावड़ा होगा। 23 अप्रैल की सुबह पांच बजे से परिक्रमा की शुरूआत होगी। साधु संतो के जलपान और भोजन की व्यवस्था दोपहर में रामगढ़ में करेंगे और शाम चार बजे छावनी बाजार में संतों का स्वागत होगा। रात्रि विश्राम अमोढ़ा के राम रेखा मंदिर पर होगा।
सांसद ने मखौड़ा धाम पर की पूजा
परशुरामपुर। सांसद हरीश द्विवेदी ने शुक्रवार को देर शाम मखौडा धाम पहुंच कर पूजन-अर्चन किया। मनोरमा नदी की आरती उतारी। कहा कि भगवान राम से जुड़े स्थलों के विकास के क्रम में मखौड़ा तथा शृंगीनारी के विकास की योजना बनाई गई है। मखौड़ा का विकास हमारी प्राथमिकता में शामिल है। इस मौके पर बिन्दुगद्याचार्य, अनिलसिंह, जटाशंकर सिंह, अनिल पांडेय, अभिनव उपाध्याय सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
चैत पूर्णिमा पर मेले का आयोजन
दुबौलिया। मनोरमा नदी के पांडवनगर पांडूल घाट पर शुक्रवार को चैत पूर्णिमा के अवसर पर मेले का आयोजन हुआ। मेले में पारंपरिक जोगिरा, सर्कस, मदारी सहित बच्चों के लिए मनोरंजक कार्यक्रम देखने को मिले। बच्चों ने खिलौनों की खरीदारी की। जबकि महिलाओं एवं बालिकाओं ने सौंदर्य प्रसाधन सामानों की खरीदारी कीं। मेले में जलेबी और चाट की दुकान पर काफी भीड़ देखने को मिली। यह मेला महाभारत काल के ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा हुआ है। तब से मेले का आयोजन हो रहा है।