चोरी के मामले में एक 16 वर्षीय किशोर को पूछताछ के लिए कोतवाली ले जाकर पिटाई का मामला प्रकाश में आया है। जिले की स्वॉट टीम (स्पेशल विपंस एंड टैक्टिस) पर चार दिन तक कोतवाली में रखकर उसे अमानवीय तरीके से पीटने का आरोप लगा है। बालक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने मामले को संज्ञान लेते हुए स्वाट टीम को भंग करते हुए पूरे मामले की जांच एएसपी दीपेन्द्र नाथ चौधरी को सौंप दी है। कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित के पिता ने 30 जुलाई को एसपी को फैक्स भेजकर और 31 जुलाई को डीआईजी से मिलकर शिकायती पत्र दिया जिसमें आरोप लगाया कि 25 जुलाई को उसके 16 वर्षीय बेटे को 25 जुलाई 2022 को पुलिस की टीम पूछताछ के लिए रात दो बजे घर से उठा कर अपने साथ ले गई।
पूछने पर बताया गया कि वह लोग स्वॉट टीम के हैं। पिता के मुताबिक इसके बाद से पुलिस वाले पूछताछ करके कुछ देर में छोड़ देने का आश्वासन देते रहे। 30 जुलाई तक नहीं छोड़े तो इसकी फैक्स के जरिए इसकी एसपी से शिकायत की। उसी शाम छह बजे कोतवाली के सदर अस्पताल पुलिस चौकी पर बुलाकर उनसे बेटे को सुरक्षित पाने का सुपुर्दनामा लिखवाकर उसे छोड़ दिया गया।
आरोप है कि कोतवाली व स्वॉट की टीम ने बेटे के शरीर के अन्दरुनी अंगों पर गंभीर चोट पहुंचाई। तीस जुलाई को ही बेटे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने इसके इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की सलाह दी है। पिता ने इस घटना में लिप्त पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए बेटे के इलाज में आने वाले खर्च की धनराशि इन पुलिस कर्मियों से तत्काल दिलाए जाने की मांग की है। एसपी का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।