बस्ती। किसानों हितों की अनदेखी और विभागीय कार्यों में रुचि न लेने के
आरोप में निलंबित संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. राम शब्द जैसवारा और उप निदेशक
कृषि डॉ. पीके कन्नौजिया को शासन ने कृषि निदेशालय से संबद्ध कर दिया है।
निलंबित
जेडीए का अतिरिक्त कार्यभार देवीपाटन मंडल के जेडीए रामचंद्र शुक्ल और उप
निदेशक कृषि का जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीशचंद्र पाठक को दिया गया। इन
दोनों अधिकारियों को त्वरित योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
डीएम
अनिल कुमार दमेले ने बताया कि उप निदेशक कृषि को बनकटी ब्लॉक के चुनाव के
लिए रिटर्निंग अफसर नियुक्त किया गया था। नई परिस्थितियों में उनके स्थान
पर एआर कोऑपरेटिव अशोक कुमार को बनकटी ब्लॉक का आरओ नियुक्त कर दिया गया
है।
कृषि विभाग के दोनों अधिकारियोें के खिलाफ हुई इस कार्रवाई की
गंभीरता इस बात से लगाया जा सकता है कि निलंबन आदेश फैक्स या मेल से न
भेजकर विशेष वाहक भेजा गया।
कृषि निदेशक एके विश्नोई ने मुख्यालय
पर तैनात उप निदेशक कृषि जीवन प्रकाश को रात साढ़े ग्यारह बस्ती भेजा। इसकी
पुष्टि खुद उप निदेशक कृषि जीवन प्रकाश ने की। कृषि विभाग के मंडलीय और
जिला स्तरीय अधिकारियों के निलंबन से विभाग में चर्चा का विषय है। एक साथ
दो अधिकारियों के निलंबन काो कुछ ने आश्चर्य व्यक्त किया।
दोनों
अधिकारियों के निलंबन के पीछे राज्य योजना आयोग के सलाहकार श्रीपति सिंह के
उस शिकायती पत्र को बताया जा रहा है, जिसमें श्रीपति सिंह ने मुख्यमंत्री
को दोनों अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए लिखा था।
इसकी
पुष्टि खुद श्रीपति सिंह ने की। ‘अमर उजाला’ को श्रीपति ने बताया कि
उन्होंने ही मुख्यमंत्री को दोनों अधिकारियों के बारे में कार्रवाई के लिए
पत्र लिखा था। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अधिकारियों के निलंबन की
जानकारी खुद उन्हें एक दिन पहले कृषि मंत्री पंडित सिंह ने दूरभाष दे दी
थी।