सीएससी संचालक से हुई लूट का अब तक नहीं लगा सुराग
सोमवार देर शाम परशुरामपुर थाना क्षेत्र में हुई थी 12 हजार की लूट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परशुरामपुर के श्रंगीनारी में ग्राहक सेवा केंद्र चलाने वाले संचालक से सोमवार रात हुई लूट के मामले में पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं। अलबत्ता क्षेत्र के कई संदिग्धों को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया। बावजूद इसके पुलिस अभी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। हालांकि क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमों को खुलासे के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही घटना करने वालों को दबोच लिया जाएगा।
बता दें कि परशुरामपुर थानाक्षेत्र के जगन्नाथपुर निवासी शीतला प्रसाद यादव शृंगीनारी बाजार में ग्राहक सेवा केंद्र चलाते हैं। रुपये के लेनदेन करने के अलावा वह फोटोकाॅपी करने तथा मोबाइल, कवर, बैट्री व अन्य पुर्जे बेचने का काम भी करते हैं। सोमवार रात वह ग्राहक सेवा केंद्र में ताला लगाकर बाइक से घर निकले। शीतला प्रसाद के अनुसार उस समय मौजूद 12 हजार रुपये और मोबाइल सेंचुरी पेपर के पॉलिथीन लगे कवर में लपेटकर बाइक की डिकी में रख दिया। इसके बाद बाइक से घर जगन्नाथपुर के लिए निकले। रास्ते में जियनापुर गांव के पास सामने बाइक लेकर खड़े दो लोगों ने उन्हें आवाज देकर रोका। बाइक रोकने पर एक ने शीतला प्रसाद के बाइक की चाबी निकाल ली। चाबी से उसने डिकी खोलकर उसमें रखा पॉलिथीन का पैकेट निकाल लिया, जिसमें रुपये और मोबाइल रखे थे। दूसरे ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि चुपचाप निकल जाओ, पीछे मुड़कर मत देखना, वरना गोली मार दूंगा। इसके बाद दोनों बदमाश बाइक से शृंगीनारी की तरफ भाग निकले। बदमाशों के जाने के बाद शीतला प्रसाद आगे जाकर एक दुकान पर रुके और एक दुकानदार की मोबाइल लेकर 112 नंबर पर पुलिस को फोन किए। पुलिस के पहुंचने पर पूरी घटना की जानकारी दी।
दुकान पर से ही रेकी का संदेह
घटनाक्रम के हिसाब से आशंका है कि शीतला प्रसाद की रेकी दुकान पर से ही करते हुए बदमाश आए थे। ग्राहक सेवा केंद्र संचालन करने की वजह से बदमाशों को यकीन रहा होगा कि उनके पास अच्छी-खासी रकम होगी। ऐसी भी संभावना है कि मोबाइल और रुपये पॉलिथीन में लपेटकर डिकी में रखते समय बदमाशों की नजर पड़ गई होगी।
अंधेरा होने की वजह से सीसीटीवी फुटेज से नहीं मिल रकी मदद
शीतला प्रसाद के अनुसार उनकी दुकान पर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। कस्बे में आसपास कैमरे लगे भी हैं लेकिन जब वह दुकान बंद करके निकल रहे थे, उस समय कस्बे में बिजली नहीं थी। मौसम भी खराब होने की वजह से अंधेरा हो गया था। इसलिए फुटेज से कुछ खास मदद नहीं मिल पा रही है।