समय अवधि बढ़ने से 12.78 करोड़ की स्वीकृति अब लागत 14.76 करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के मुंडेरवा में नवनिर्मित किठिउरी आईटीआई भवन का निर्माण तीन साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते इसके निर्माण की लागत करीब 2 करोड़ बढ़ गई है। 12.78 करोड़ से स्वीकृत इस भवन की निर्माण लागत अब 14.76 करोड़ हो गई है। विभागीय लापरवाही से सरकार को राजस्व का चूना लगा है।
त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत जिले के सदर विधानसभा के किठिउरी में 28 मार्च 2020 को राजकीय आईटीआई के निर्माण के लिए शासन ने 12 करोड़ 78 लाख 20 हजार रुपये स्वीकृत कर पहली किस्त के रूप में 5 करोड़ 28 लाख रुपये जारी किया था। पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड एक के तत्कालीन अधिशासी अभियंता अरुण कुमार सिंह, इंजीनियर अभिषेक कुमार सिंह व हरेराम प्रसाद की टीम ने कार्य तो तेजी से शुरू किया लेकिन कोरोना काल में दो-दो बार लॉकडाउन होने के कारण निर्माण कार्य बंद करना पड़ा। करीब एक वर्ष बार दूसरी किस्त के रूप में 13 जुलाई 2021 को 1 करोड़ 27 लाख रुपये भी जारी की गई। शासन के दबाव में कार्य जल्द पूर्ण करने के लिए यह धन बहुत ही कम साबित हुआ। नतीजतन शासन ने तीसरी किस्त के रूप में 14 फरवरी 2022 को 3 करोड़ 19 लाख 55 हजार रुपये भी जारी कर दिया। इस प्रकार कुल 9 करोड़ 58 लाख 65 हजार रुपये खर्च हो गए। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग ने जब निर्माण कार्य की समीक्षा की तो इस इंस्टीच्यूट में मिट्टी भराई की लागत में वृद्धि के साथ ही स्टील की मात्रा, चारदीवारी की लंबाई में वृद्धि, एक की जगह पर दो गेट एवं इंस्टीच्यूट परिसर के आंतरिक मार्ग की लंबाई का हवाला देते हुए दोबारा तकरीबन पांच करोड़ का अतिरिक्त स्टीमेट भेजा। इस प्रकार अब कुल लागत 14 करोड़ 76 लाख 38 हजार रुपये हो गया है।
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आईटीआई का लगभग 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसी माह के अंदर यह तकनीकी संस्थान पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। रही लागत की बात तो बाजार दर से ही स्टीमेट बनाया जाता है। सही है कि अब भवन निर्माण सामग्री की कीमत बढ़ी है तो लागत बढ़ गई। जल्द ही काम पूरा कर आईटीआई को भवन हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
- अवधेश कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, निर्माण खंड एक, बस्ती
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