बृहस्पतिवार रात में न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस किया गया दर्ज
दिन में भले ही धूप निकल रही पर रात में दो दिन से हो रही ठिठुरन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दिन में भले ही धूप निकल रही हो, पर रात में ठंड सताने लगी है। बृहस्पतिवार की रात को न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। मौसम में बदलाव का सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लोग खांसी, जुकाम व बुखार की चपेट में आ रहे हैं। डॅक्टर मौसम में बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने का सुझाव दे रहे हैं।
पिछले तीन दिन से मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। सोमवार रात न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि मंगलवार की रात न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार व बृहस्पतिवार की रात न्यूनतम तापमान सेल्सियस 12.5 डिग्री तक पहुंच गया। शुक्रवार रात न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि उत्तरी-पश्चिमी हवा के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। अभी दो-तीन दिन तक तापमान में गिरावट बनी रहेगी।
शुक्रवार को दिन में अधिकतम तापमान 26.5 व न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम होते ही तापमान कम होने से लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है। दिन और रात में तापमान में दोगुना का अंतर होने के चलते लोग दिन में बिना गर्म कपड़ा पहने बिना निकल जा रहे हैं। इससे शाम को घर लौटते समय परेशानी झेलनी पड़ रही है। लापरवाही बरतने लोगों को मौसम महंगा पड़ रहा है।
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बदलते मौसम में बच्चे और बुजुर्गों का रखें ख्याल
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि हवा में हल्की-हल्की ठंड का एहसास शुरू हो गया है। बदलते मौसम में स्वास्थ्य की कुछ समस्याएं यानी सर्दी, खांसी या बुखार की आशंका बढ़ जाती है। इस समय बच्चे, बड़े और बुजुर्गों की सेहत का अधिक ख्याल रखने की जरूरत है। दरअसल, मौसम बदलते ही हमारी जीवनशैली भी बदलने लगती है। ठंड के कारण धुंध बढ़ती है। धुंध की वजह से प्रदूषण के कण नीचे आ जाते हैं, जो हार्ट तक पहुंचते हैं। इससे हार्ट की बीमारी की आशंका बनी रहती है। उम्र अधिक हो जाने के कारण बीमारी से लड़ने की शारीरिक क्षमता कम हो जाती है। सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द जैसी परेशानी के साथ बुजुर्गों में सांस की समस्या, अस्थमा का अटैक सबसे सामान्य समस्या है। अस्थमा, शुगर, हाई बीपी, दिल की बीमारी की परेशानी से जूझ रहे बुजुर्गों को इस मौसम में गुनगुना पानी पीना चाहिए ताकि सर्दी-जुकाम और खांसी की समस्या दूर रहे।
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हानिकारक बनी हुई हुई है हवा
गिरते तापमान के साथ हवा भी जहरीली बनी हुई है। 18 नवंबर के बाद शुक्रवार को हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार देखने को मिला। शुक्रवार की सुबह एक्यूआई 151 और शाम को 140 दर्ज किया गया। इससे पहले 18 नवंबर को एक्यूआई 120 दर्ज किया गया था। विशेषज्ञ मानते हैं कि हवा पराली जलानेे व धूल के कारण खराब हो रही है। चेष्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि धूल और धुएं के कारण जो धुंध छा रही है, वह अस्थमा रोगियों के लिए हानिकारक है। ऐसे मौसम में अस्थमा का अटैक आना सामान्य बात है। अस्थमा के मरीज धुंध व धूल से बचें और अपनी नियमित दवाएं लेते रहें।