बस्ती। कोतवाली क्षेत्र के सराय घाट मिश्रौलिया में 42 वर्षीय आशा कार्यकर्ता की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, शादीशुदा व्यक्ति से मंदिर में शादी करके आशा उसकी गृहस्थी में दखल देने लगी थी।
उसकी रुपयों की मांग बढ़ने की वजह से कथित पति नोहर चौधरी, उसकी पत्नी विद्यावती और नोहर की विवाहित बेटी लक्ष्मी ने 24 अप्रैल की रात उसे पहले डंडे से पीटा और बाद में दुपट्टे से गला कसकर मौत के घाट उतार दिया।
सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने बताया कि तीनों आरोपियों को राजाचक मोड़ पुलिया के पास से गिरफ्तार कर आला कत्ल बरामद कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, भूअर निरंजनपुर निवासी सुनीता की शादी कलवारी थानाक्षेत्र के पड़री गांव के बजरंगी से शादी हुई थी। सुनीता स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत थी। करीब आठ वर्ष पहले उसके पति बजरंगी की मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ वर्ष बाद सुनीता का संपर्क मिश्रौलिया निवासी नौहर चौधरी से हो गया था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सुनीता ने नौहर से भद्रेश्वरनाथ मंदिर में शादी कर ली थी। इसके बाद वह अक्सर नौहर के घर आने लगी। सीओ सिटी ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात सुनीता नौहर के घर आई थी। इसी दौरान नौहर, पत्नी विद्यावती देवी व उनकी बेटी से वाद-विवाद होने लगा।
आरोप है कि इसके बाद तीनों ने मिल कर सुनीता की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने मृतका के भाई रामबली कन्नौजिया निवासी भुवर निरंजनपुर थाना कोतवाली की तहरीर पर केस दर्ज कर छानबीन की, जिसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।