तीन महीने में सात युवाओं ने की खुदकुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों में आत्महत्या की प्रवृति तेजी से बढ़ी है। आर्थिक तंगी, अकेलापन, घरेलू कलह, प्रेम संबंध तथा कारोबार में नुकसान की वजह से भी लोगों में डिप्रेशन बढ़ा है। डिप्रेशन के कारण आत्महत्या की घटनाएं काफी बढ़ी हैं। जिले में हर माह तीन से चार आत्महत्या के मामले सामने आते हैं। अधिकतर मामलों में डिप्रेशन और घरेलू कलह ही मुख्य वजह सामने आती हैं। पिछले तीन महीने में ऐसी सात घटनाएं सामने आ चुके हैं।
अभी कुछ महीने पहले ही मुंडेरवा थानाक्षेत्र के एक युवक ने अपने वृद्ध पिता की पीटकर हत्या कर दिया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो आरोपी ने बताया कि घरेलू कलह की वजह से वह परेशान था। गुस्से में आकर उससे यह गुनाह हो गया। जानकार बताते हैं कि कई बार बेरोजगारी के चलते जरूरतों को पूरा न कर पाने की वजह से परिवार में कलह पैदा होने लगता है। वहीं कई मामलों में पति-पत्नी के बीच संबंध ठीक न होने की वजह चाल-चलन पर संदेह भी होता है।
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केस एक.........
- कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ओझागंज बाजार में छत की कुंडे से लटका युवक का शव मिला। शनिवार रात घर में किसी बात पर विवाद हुआ था। उस समय आसपास के लोगों ने समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया। उसके बाद सर्वेश अपने कमरे में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। उसके बाद छत के कुंडे से कपड़े से फंदा लगा लिया।
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केस दो..........
- ईंट भट्ठे पर ट्रैक्टर चलाने वाले दुबौलिया क्षेत्र के लक्ष्मणपुर गांव के 28 वर्षीय युवक का बंद कमरे में छत के कुंडे में गमछे के फंदे से लटका शव मिला था। पुलिस के अनुसार उसका पत्नी से अक्सर विवाद होता था। जिसके बाद वह 112 नंबर पर पुलिस को बुला लेती थी। किसी बात पर विवाद के बाद उसने खुद को कमरे में बंद करके फंदा लगा लिया।
समाजशास्त्री की राय
- समाजशास्त्री डाक्टर रघुवर पांडेय बताते हैं कि आजकल योग्यता से ज्यादा पाने की उम्मीद करने की वजह से भी युवाओं में तनाव बढ़ रहा है। इसके कारण परिवार में भी कलह पैदा हो रहा है। कई लोग कर्ज में दबकर, प्रेम प्रसंग में निराशा आदि कारण भी इसके पीछे अहम हैं। इसके लिए परिवार का माहौल और व्यक्ति की संगति सबसे ज्यादा जिम्मेदार है।
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