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Basti News: चीनी 68 तो गुड़ 80 रुपये किलो के पार, असमंजस में खरीदार और दुकानदार

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किराना की दुकान पर रखा गुड़ संवाद - फोटो : सांकेतिक
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बस्ती। रसोई में मिठास घोलने वाले गुड़ और चीनी के दाम में पिछले एक महीने में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पुरानी बस्ती के बाजार में गुड़ की कीमत करीब 40 रुपये से बढ़कर 80 रुपये किलो तक पहुंच गई है। वहीं चीनी 44 रुपये से बढ़कर थोक में करीब 68 और फुटकर बाजार में 70 रुपये किलो तक पहुंच गई है। अचानक बढ़े दाम से ग्राहक और दुकानदार दोनों असमंजस में हैं। रोजमर्रा की जरूरत की इन वस्तुओं की कीमत बढ़ने से घरेलू बजट पर भी असर पड़ रहा है।
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स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, एक महीने पहले तक गुड़ करीब 40 रुपये किलो बिक रहा था। अब इसकी कीमत 80 रुपये किलो तक पहुंच गई है। इसी अवधि में चीनी के दाम भी करीब 40-44 रुपये से बढ़कर 68-70 रुपये किलो हो गए हैं। यानी गुड़ करीब 40 रुपये और चीनी करीब 24 से 30 रुपये किलो तक महंगी हुई है।
दुकानदार प्रमोद गुप्ता और राकेश कुमार ने बताया कि पिछले एक महीने में गुड़ और चीनी के दाम में लगातार बढ़ोतरी हुई है। वहीं विक्की और संतोष के अनुसार थोक बाजार में कीमत बढ़ने का सीधा असर फुटकर बाजार पर पड़ रहा है। बाजार से जिस भाव पर माल मिल रहा है, उसी के अनुसार ग्राहकों को सामान बेचना पड़ रहा है। रोज बदलते रेट के कारण खरीदारी और स्टॉक को लेकर भी परेशानी हो रही है।
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चीनी और गुड़ का इस्तेमाल चाय, मिठाई और कई अन्य खाद्य पदार्थों में होता है। ऐसे में इनके दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। रक्षाबंधन समेत अन्य पर्वों से पहले कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
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खाद्य तेल के दाम भी बढ़े
गुड़ और चीनी के साथ खाद्य तेल के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। दुकानदारों के मुताबिक, 650 एमएल पॉम ऑयल का पैकेट पहले 115 रुपये में बिक रहा था, जो अब बढ़कर 120 रुपये हो गया है। वहीं सरसों तेल 185 रुपये से बढ़कर 195 रुपये लीटर हो गया है।

चाय से मिठाई तक बढ़ेगा खर्च
उपभोक्ता प्रीति और सीमा का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम अचानक बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। चीनी और गुड़ महंगा होने से चाय, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों पर भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। उन्होंने बाजार में कीमतों की नियमित निगरानी कराने के साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका की जांच कराने की मांग की है।
कोट
जमाखोरी पर नजर रखी जा रही है। किराना दुकानों की जांच की जा रही है। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए खाद्य पदार्थों की कीमत और उपलब्धता पर भी निगरानी रखी जा रही है।
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-चितरंजन कुमार सिंह, जिला अभिहित अधिकारी, बस्ती।
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