विक्रमजोत। गन्ना क्रय केंद्रों पर माफिया की सक्रियता किसानों के लिए सिरदर्द साबित हो रही है। किसानों का आरोप हैं कि कांटा बाबू और मिल कर्मियों की साठगांठ से पर्ची को तकनीकी ढंग से लटका दिया जाता है। इससे परेशान किसान औने-पौने दामों में गन्ना बेच रहे हैं। यही नहीं बभनान मिल के अधिकारी ने औचक निरीक्षण में मझौवा दूबे में 40 किलोग्राम की घटतौली भी पकड़ी थी।
सहकारी गन्ना विकास समिति विक्रमजोत क्षेत्र के गोड़सरा, हंसराजपुर, बस्थनवा, फूलडीह, केशवपुर में घटतौली और रिजेक्ट गन्ना को सामान्य प्रजाति में दर्ज करके कांटा बाबू और दलाल मुनाफा कमाते हैं। हंसराजपुर केंद्र पर गन्ना तौलाने गये हियारूपुर निवासी अगनू यादव के 47.70 क्विंटल गन्ने में से 70 किलोग्राम की कटौती कर ली गई। एतराज किया तो बुरा-भला कहा, जिसकी शिकायत रौजा गांव के मिल सुपरवाइजर से की। गोड़सरा क्रय केंद्र पर रिजेक्ट प्रजाति के गन्ना को सामान्य प्रजाति के स्थान पर तौल करने को लेकर किसानों ने हंगामा किया और तौल रोकवा दी। बाद में सुपरवाइजर के बीच-बचाव से तौल शुरू हो सकी।
किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष सर्वजीत सिंह का कहना है कि विक्रमजोत के गन्ना केंद्रों पर दलालों और कांटा बाबू की मिलीभगत से किसानों की उपज पर डाका डाला जा रहा है। इसकी शिकायत के बावजूद कुछ नहीं हुआ।
रमघटिया निवासी अनुपम सिंह, बुद्धिराम, पचवस निवासी विन्देश्वरी, गोड़सरा निवासी झिनकाई सिंह ने जिलाधिकारी और रौजागांव मिल प्रशासन से शिकायत की है कि क्षेत्र में तैनात आरोपी कांटा बाबू और सुपरवाइजरों को हटाया जाए ताकि किसानों को परेशान न होना पड़े।
सहकारी गन्ना विकास समिति के चेयरमैन मंजू सिंह के प्रतिनिधि डॉ. अरविंद कुमार सिंह का कहना है कि अभी तक इस तरह की शिकायत मेरे संज्ञान में नहीं आई है। यदि ऐसा कहीं भी पाया गया तो संबंधित के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, क्षेत्र के सुपरवाइजर मधुकर मिश्रा का कहना है कि विक्रमजोत और हंसराजपुर गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली की शिकायत मौखिक रूप से आई थी। जांच की गई है। अब कोई दिक्कत केंद्रों पर नहीं है।