जिला अस्तापल की ओपीडी में पसरा सन्नाटा। संवाद
बस्ती। नए साल के पहले दिन बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की चहल-पहल कम दिखी। डॉक्टरों के कक्ष में प्रवेश को लेकर धक्का-मुक्की जैसे हालात भी नहीं थे। डॉक्टरों के कक्ष के बाहर दो-चार मरीज ही देखने को मिले। डॉक्टरों ने मरीजों को इत्मिनान से देखा। बीमारियों के बारे में पूछताछ की।
जिला अस्पताल की ओपीडी के बरामदे में सुबह करीब 11:15 बजे 30 से 40 मरीज खड़े दिखे। फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी के कक्ष के बाहर भी कम मरीज थे। अन्य दिनों में इनके कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रहती थी। अधिकतर वार्ड के बिस्तर खाली थे। चिल्ड्रेन वार्ड में भी सन्नाटा देखने को मिला। इमरजेंसी में जरूर मरीजों की भीड़ थी। तीमारदार अशोक ने बताया कि उनके मरीज को ठंड की वजह से कोल्ड डायरिया हो गया था, अब स्वस्थ है।
डॉक्टर से अनुरोध किया कि मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दें, ताकि घर जाकर परिवार वालों के साथ नया साल उत्साह के साथ मना सकूं। डॉक्टर ने कहा है कि चेकअप के बाद ही मरीज को छूट्टी देंगे। सुबह करीब 10:45 बजे धूप निकलने के बाद वार्ड में भर्ती मरीजों में कुछ चेतना आई। क्योंकि करीब 15 दिन से सूर्य देव का दर्शन न होने से मरीजों के साथ उनके तीमारदार भी परेशान थे।
भीषण ठंड में हर कोई इधर-उधर सिकुड़ा बैठा दिख रहा था। धूप खिलते ही जैसे मरीजों के जान में जान आ गई थी। बुजुर्ग मरीज सोहन ने बताया कि कड़ाके की ठंड की वजह से मौसमी बीमारी से पीड़ित हैं। हालात गंभीर देख डॉक्टर ने अस्पताल में भर्ती कर लिया है। अब तबीयत में सुधार है।
वार्डों में अब तक नहीं लग पाए हीटर : शीतहर की शुरुआत में एडी हेल्थ ने वार्डों हीटर लगाने का फरमान जारी किया था, मगर अब तक नहीं लग पा रहे हैं। 30 बेड की इमरजेंसी में जरूर दो हीटर लगाए गए हैं, जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। जिला ही नहीं, महिला अस्पताल का भी यही हाल है। जिला अस्पताल की अपेक्षा महिला अस्पताल में भर्ती होने वाली मरीजों की संख्या अधिक है।