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टूर से बच्चे घर पहुंचे तो खिले मां बाप के चेहरे

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टूर से बच्चे घर पहुंचे तो खिले मां बाप के चेहरे
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छावनी। उर्मिला शिक्षा शांति निकेतन इंटर कॉलेज रामरेखा से भ्रमण पर निकले बच्चों की भोजन के बाद तबीयत खराब होने की जानकारी से मां-बाप बेचैन हो उठे थे। बच्चों के घर पहुंचने पर सभी ने चैन की सांस ली।
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उर्मिला शिक्षा शांति निकेतन इंटर कॉलेज रामरेखा से छात्र-छात्राओं का समूह मथुरा-वृंदावन के भ्रमण पर निकला था। शनिवार को अयोध्या मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने की जानकारी पर वृंदावन में ही बच्चों की बस रूक गई।यहां एक ढाबे पर सभी को भोजन कराया गया। जिसके बाद तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई। रविवार शाम बच्चे लौट आए। भ्रमण पर गई कक्षा 11 की नैन्सी सिंह ने बताया कि ढाबे पर खाना खाने के कुछ ही देर बाद मन खराब होने लगा। देखते ही देखते सभी बच्चों के पेट में दर्द होने के साथ उल्टियां आने लगीं। प्रिसिंपल संजय सिंह ने फोन किया जिसके कुछ देर में ही डॉक्टरों की टीम आकर सबका इलाज किया। लगभग एक घंटे बाद सबको आराम मिला। डॉक्टर फूड प्वायजनिंग बता रहे थे। नैंन्सी के पिता जगदंबा सिंह ने बताया कि बिटिया की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर पूरा परिवार परेशान हो गया था। बिटिया जब घर पहुंच गई तो देखने के बाद ही शांति मिली। 12वीं के छात्र अजीत यादव तथा 11वीं छात्रा रजनी गांव पहुंची तो आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। रजनी ने कहा कि अब कोई समस्या नहीं है। अजीत की दादी पार्वती ने बताया की लड़के की तवियत खराब होने सूचना मिलने पर मेरी ही तबीयत बिगड़ने लगी थी। माता पिता बाहर नौकरी कर रहे हैं। अजीत के मोबाइल पर बात करने पर राहत मिली।रजनी के पापा बैद्यनाथ ने कहा बिटिया के पास जाने की तैयारी शुरू कर दी थी लेकिन कुछ देर बाद जब मोबाइल से बिटिया ने सब कुछ ठीक बताया तो राहत की सांस ली।
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उर्मिला शांति शिक्षा निकेतन इंटर कालेज रामरेखा के प्रधानाचार्य संजय सिंह का कहना है कि विद्यालय से टूर गए सभी छात्र घर पर पहुंच गए हैं।
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