रुधौली। क्षेत्र के गांधीनगर वार्ड निवासी किशोर संदिग्ध परिस्थितियों में रेलवे ट्रैक के पास घायल अवस्था दो जून को मिला था। रेलवे सुरक्षा बल ने उसे जिला अस्पताल बस्ती लाकर भर्ती कराया था। जहां इलाज के दौरान चार जून की शाम को उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद किशोर की पहचान हुई। किशोर की पहचान व मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान न होने के कारण शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाकर सोशल मीडिया के माध्यम से युवक की तस्वीर साझा कर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान बस्ती के स्वर्ण व्यवसायियों के एक समूह में युवक की तस्वीर पहुंची, जहां कुछ लोगों ने उसकी पहचान रुधौली के गांधीनगर वार्ड निवासी 17 वर्षीय आदर्श सोनी पुत्र अनिल सोनी के रूप की और उसके परिजनों को सूचना दी।
बृहस्पतिवार की देर शाम सूचना मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। वहां से मोर्चरी हाउस पहुंचे। लेकिन उस समय मोर्चरी हाउस बंद हो चुका था। शुक्रवार सुबह मोर्चरी खुलने पर परिजनों ने शव की पहचान आदर्श सोनी के रूप में की। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। आदर्श तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था और अयोध्या स्थित एक निजी पॉलिटेक्निक संस्थान में प्रथम सेमेस्टर का छात्र था। वह वहीं पर रूम लेकर रह रहा था। इन दिनों उसकी परीक्षाएं चल रही थीं। एक जून को उसकी परीक्षा थी और वह परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचा। जब परिजनों ने उससे मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया तो उसका फोन बंद मिला।
आदर्श के अचानक लापता होने के बाद परिजनों ने अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में रिश्तेदारों व परिचितों के यहां काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अंतत 2 जून को अयोध्या थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पिता अनिल सोनी का कहना था कि दो जून को बेटा लापता हुआ था तो गुमशुदगी दर्ज कराई थी। लेकिन वह इस हाल में कैसे पहुंचा यह समझ में नहीं आ रहा है।