बस्ती। कथित फर्जी नर्सिंग इंस्टीट्यूट में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं के सब्र का बांध बृहस्पतिवार को टूट गया। 200 से अधिक छात्र-छात्राएं हरदिया स्थित सरदार पटेल हास्पिटल एवं पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट से मार्च करते हुए डीएम कार्यालय पहुंची और अपनी पीड़ा बयां की। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीएम प्रियंका निरंजन ने एडीएम और सीएमओ को मौके पर भेजा। एडीएम कमलेश चंद्र और सीएमओ डाॅ. आरपी मिश्र ने इंस्टीट्यूट पर जाकर परिसर व कमरों का निरीक्षण किया। वहां मौजूद छात्र-छात्राओं से बयान लिए। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने अधिकारियों को बताया कि कई वर्षों से उन्हें अंधेरे में रखकर कोर्स कराने का झांसा दिया जा रहा है। इस दौरान इंस्टीट्यूट के प्रबंधन व फैकल्टी का कोई स्टाफ मौजूद नहीं था।
बता दें कि उक्त इंस्टीट्यूट में कई वर्षों से छात्र-छात्राओं को ग्लोबल यूनिवर्सिटी एटा नगर अरुणाचल प्रदेश से संबद्ध होना बताकर एएनएमजेएमएम सहित मेडिकल से जुड़े विभिन्न कोर्स कराए जा रहे हैं। 2020-21 सत्र में प्रवेश लिए छात्र-छात्राओं की प्रथम वर्ष की परीक्षा कराई गई। उनका परिणाम घोषित करके उन्हें मार्कशीट थमा दी गई। जिस पर रोल नंबर व हस्ताक्षर मुहर नहीं था। शक होने पर जब छात्र-छात्राओं ने इसकी तस्दीक करनी शुरू की तो सारा मामला फर्जी पाया गया। इसकी शिकायत करने पर प्रबंधन की तरफ से उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनका नए सिरे से सहारनपुर की यूनिवर्सिटी में प्रवेश दिलाया जा रहा है। कुछ महीने बाद कुछ छात्राओं ने वहां से भी इसकी पुष्टि कराई तो पता चला कि वहां ऐसा कोई एडमिशन नहीं हुआ है। इसके बाद छात्राओं को भरोसा हो गया कि उनके साथ धोखा हुआ है। इतने के बावजूद भी प्रबंधन मानने को तैयार नहीं हुआ कि उन लोगों ने कोई फ्राड किया है।
पहली जून को बुलाया गया था
- उक्त इंस्टीट्यूट में करीब छह सौ छात्र-छात्राओं ने विभिन्न पैरा मेडिकल कोर्स में पढ़ाई के लिए प्रवेश लिया है। बृहस्पतिवार को कथित इंस्टीट्यूट पर जुटे छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन लोगों की शिकायतों के निस्तारण के लिए पहली जून को बुलाया गया था। इस सूचना पर वह लोग पहुंचे थे। मगर वहां न तो प्रबंधक सत्यप्रकाश पटेल मिले और न ही उप प्रबंधक वसीम खान ही मिले। इसके बाद करीब दो-ढाई सौ छात्र-छात्राओं ने डीएम कार्यालय पहुंचने का फैसला लिया।
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जांच टीम गठित, एक सप्ताह में देगी रिपोर्ट
- जनपद में मेडिकल से संबंधित कतिपय पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट फर्जी रूप से संचालित होने की जानकारी मिल रही है। विज्ञापन प्रकाशित कर फर्जी तौर पर प्रवेश देकर आम जनता से धन उगाही की जा रही है। जिससे पैसे के साथ छात्र-छात्राओं की बहुमूल्य समय की बर्बादी हो रही है। ऐसे में फर्जी संचालित संस्थानों की तत्काल जॉच के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर पुलिस अधीक्षक, प्राचार्य मेडिकल काॅलेज कैली, मुख्य चिकित्साधिकारी की टीम गठित की गई है। एक सप्ताह में जांच आख्या देने का निर्देश दिया गया है।
- प्रियंका निरंजन, डीएम, बस्ती