स्वास्थ्य विभाग के पेच से 500 कर्मियों व पेंशनरों की फंसी प्रतिपूर्ति
चिकित्सा सहित अन्य विभागों के कर्मी आठ माह से झेल रहे परेशानी
बस्ती। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से संविदा कर्मियों को सात माह से मानदेय नहीं मिल पाया है तो पेंशन के सहारे जीवन काट रहे करीब 500 पेंशनरों व कर्मियों का चिकित्सा प्रतिपूर्ति आठ माह से अधर में है। तमाम पेंशनरों का उपचार धनाभाव के कारण रुक गया है।
बताया जाता है कि स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलों को तत्कालीन सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने सत्यापन के नाम पर लटकाना शुरू किया। यह बात तत्कालीन डीएम सौम्या अग्रवाल ं तक पहुंची तो उन्हें तलब किया। फटकार लगाई तो उन्होंने आननफानन कुछ फाइलों को निपटा दिया, मगर फाइलों की संख्या उनके कार्यकाल में इतनी हो गई कि उसे निपटाना आसान नहीं है। 30 जून को उनका स्थानांतरण हो गया। सीएमओ पद पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. हरिदास अग्रवाल मेडिकल अवकाश पर चले गए हैं। पहले उनका चार्ज डॉ. जय सिंह मिला। बाद में डॉ. एके गुप्ता को जिम्मेदारी मिली, लेकिन 500 से अधिक पेंशनरों व कर्मियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल लंबित है।
स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी हरिवंश यादव ने कहा कि आठ माह से वह चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए विभाग का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक फाइल पास नहीं हो पाई है। सेवानिवृत्त कर्मी हरदेव मिश्र का कहना है कि उन्होंने चिकित्सा प्रतिपूर्ति की उम्मीद ही छोड़ दी है। धनाभाव में इलाज नहीं करा पा रहे हैं। करीब नौ माह से चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल विभाग में लटका है। जीएम तिवारी ने कहा कि पूर्व सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर व नवागत सीएमओ की लापरवाही सेवानिवृत्त कर्मियों पर भारी पड़ रही है। यहां ऐसे सीएमओ को शासन ने तैनात कर रखा है, जो जुलाई से लेकर अब तक तीन से चार दिन ही कार्यालय बैठे हैं।
सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के मंत्री हरिराम पाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलों पर 15 दिन का समय शासन ने तय कर रखा है, मगर विभागीय अधिकारियों पर कोई असर नहीं दिखा रहा है। पेंशनरों व सामान्य कर्मियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति में खेल का पूरा ताना-बाना तत्कालीन सीएमओ ने बुना है।
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कोट
चिकित्सा प्रतिपूर्ति की लंबित फाइलों का सत्यापन कराकर निस्तारित कर दिया जाएगा। इसे पूर्व सीएमओ ने क्यों फंसा रखा था, यह वही जानें।
डॉ. एके गुप्ता, प्रभारी सीएमओ