डीडीओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक देवेंद्र सिंह की बर्खास्तगी का आदेश वापस लेने की समय सीमा (26 अगस्त) बीतने के बाद कर्मचारी संगठनों ने बुधवार से विकास भवन, जिले के सभी ब्लॉकों में हड़ताल की घोषणा की है। कर्मचारी अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार कर विकास भवन और ब्लॉक मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताएंगे।
मंगलवार को विकास भवन सभागार में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, विकास भवन कर्मचारी संघ, ग्राम विकास मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, ग्राम विकास अधिकारी संघ ने संयुक्त रूप से बैठक की। इसमें वरिष्ठ सहायक देवेंद्र कुमार सिंह को डीडीओ की ओर से बर्खास्त किये जाने की कार्रवाई पर नाराजगी जताई गई। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष मस्तराम वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामअधार पाल, मंत्री तौलू प्रसाद ने कहा कि देवेंद्र को नियम विरुद्ध तरीके से बर्खास्त किया गया। उनके खिलाफ की गई शिकायत के संबध में हाईकोर्ट और जनपद न्यायालय में वाद लंबित है। इसमें स्थगन आदेश भी पारित है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विकास भवन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने कहा कि शिकायती प्रकरण पर प्रदेश शासन और आयुक्त ग्राम्य विकास स्तर से दो जांचे करवाई गई। इस जांच में कोई निर्णय आदेश जारी नहीं हुआ। शिकायत में परिवार रजिस्टर को आधार माना गया है, जिसमें डीएम कन्नौज ने अपनी रिपोर्ट में देेवेंद्र को वारिस माना है। ग्राम्य विकास मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के महामंत्री एस के नंदन ने कहा कि शिकायतकर्ता सूरज वर्मा खुद संदेह के दायरे में है। ऐसे में डीडीओ ने एक पक्षीय और नियम विरुद्घ कार्रवाई कर कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया।
इस मौके ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष मनोज यादव, राजेश श्रीवास्तव, अखिलेश शरण पांडेय, मुकेश सोनकर, रामलाल, सत्यनरायन चौधरी, वीरेंद्र प्रताप, अजय प्रताप नारायण पांडेय, घनश्याम, हीरामन, रामयज्ञ, संजय श्रीवास्तव, हिमांशुशेखर सिंह, वीके श्रीवास्तव, रामराज, अमृतनाथ, आलोक चौधरी, गोवर्धन उपाध्याय, हरिश्चंद्र, सज्जाद अहमद, अब्दुल रहमान, वीरबहादुर सिंह, नीरज श्रीवास्तव, सुश्री रुमझुम चटर्जी, कृष्णनंदन शुक्ल, गोपाल कृष्ण शुक्ल, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, जय प्रकाश रावत, शैलेंद्र आदि मौजूद रहे।