रुधौली। मानदेय न मिलने से नाराज संविदा कर्मियों ने कामकाज बंद कर कार्य बहिष्कार किया। इसके चलते लगभग सात घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही। आंदोलनकारियों का आरोप है कि त्योहार को देखते हुए जब बकाया मानदेय मांगा गया तो जिम्मेदार आनाकानी करने लगे।
विद्युत उपकेन्द्र रुधौली पर तैनात कुल 11 विद्युत कर्मियों में से आठ कर्मी संविदा पर नियुक्त हैं। इन कर्मियों को हर माह की पांच से दस तारीख के भीतर मानदेय देने की शर्त पर तैनात किया गया है। संविदाकर्मियो ने बताया कि जनवरी 2017 से मानदेय नही दिया जा रहा जिसके चलते उनके परिवार पर आर्थिक संकट आ गया।
त्योहार नजदीक है ऐसे में जब अधिकारियों से बकाया मानदेय की मांग की तो जिम्मेदारों ने पल्ला झाड़ लिया। आक्रोशित कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि मानदेय नहीं मिला तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
जेई राजेश कुमार प्रजापति का कहना है कि संविदाकर्मियो के मानदेय को लेकर उनके हक में जितनी कार्रवाई की जानी चाहिए, वह कर चुके हैं। अब अगर मानदेय नही मिल रहा है तो ऊपर के अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
हड़ताल करने वाले कर्मियों में राममिलन, श्यामबली, उमाशंकर पांडेय, सुशील कुमार चौधरी, संजय चौधरी, अभिमन्यु, बुद्ध प्रकाश, नरसिंह, अष्टभुजा उपाध्याय, विनोद कुमार, राजेश कुमार चौधरी आदि नाम शामिल हैं।
बिजली कटौती से उपभोक्ताओं की सांसत
वाल्टरगंज। क्षेत्र में बिजली कटौती से आम जन जीवन प्रभावित हो गया है। कटौती के चलते दिन का चैन व रात की नींद उड़ गई है। लोग घूम कर रात बिता रहे हैं। यही नहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को बिजली कटौती के चलते कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण संतोष तिवारी, राजकुमार, ओम प्रकाश शुक्ला, संतोष पांडेय, ग्राम प्रधान आदर्श प्रताप सिंह, शफात मोहम्मद खान, भोला जायसवाल , मरगूम अहमद कल्लू, विजयपाल सिंह, नेहा, वंदना, प्रिया, आदि ने कहा कि बिजली आने का कोई तय समय रह ही नहीं गया है।
बिजली कब आएगी और कितनी देर तक रहेगी? इसका पता नहीं होता। कभी 11 बजे तो कभी एक बजे रात को बिजली आती है। क्षेत्र की महिलाएं आशा सिंह, सुगंधी मिश्रा, रीना, अर्चना, प्रमिला, सुधा, निर्मला शुक्ला ने बताया कि करवा चौथ को दिन में बिजली आई ही नहीं। रात्रि के सवा सात बजे विजली आई भी तो महज पांच मिनट बाद चली भी गई।
अवर अभियंता राजीव कुमार नायक कहते हैं कि विजली अब सीधे सारनाथ कंट्रोल से ही निर्धारित है। हमारे फीडर व क्षेत्र के 192 गांवों में कोई फाल्ट नहीं है। पॉवर स्टेशन के लोगों को खुद पता नहीं रहता है कि बिजली कब आएगी, जितनी मिलती है उसे दिया जाता है।