बस्ती। परिवहन निगम ने बस संचालन में सुधार और बढ़ते घाटे की भरपाई के लिए लागू नियम पर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। अब रोडवेज बसें तभी बस अड्डे से रवाना हो रही हैं, जब उनमें कम से कम 25 यात्री सवार बैठ जा रही हैं। इससे चालकों-परिचालकों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है।
वहीं, अब यात्रियों को केवल 20 किलो तक सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति होगी। इससे अधिक वजन होने पर अलग से लगेज बुकिंग करानी पड़ेगी। एआरएम आयुष भटनागर ने बताया कि लंबे समय से कई रूटों पर कम यात्रियों के साथ बसें चलने से राजस्व प्रभावित हो रहा था। ऐसे में संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने और ईंधन खर्च कम करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद चालक और परिचालकों को भी यात्रियों की संख्या सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों के सामान को लेकर भी निगम ने सख्ती बढ़ाई है। अब 20 किलो से अधिक सामान ले जाने वाले यात्रियों को बस अड्डे पर अलग से बुकिंग करानी होगी। बिना बुकिंग अधिक सामान ले जाने पर कार्रवाई की जा सकती है। बताया कि नई व्यवस्था से बसों के संचालन में पारदर्शिता आएगी और निगम की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। डीजल औसत मेंटेन होगा और लोड फैक्टर भी बढ़ेगा।
बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डीजल-पेट्रोल का खर्च कम करने की अपील के बाद यह नियम रोडवेज में तेजी से पालन कराया जा रहा है। इससे कई रूटों का शेड्यूल भी गड़बड़ा जा रहा है। हालांकि, पीक सीजन होने के चलते अभी यह मुश्किल बसों के सामने नहीं है। मगर, सहालग खत्म होने के बाद समस्या बढ़ेगी। बताया गया कि सख्ती का असर डीजल औसत और लोड फैक्टर पर दिखा है। सुधार की ओर रोडवेज बढ़ा है।
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बस्ती डिपो पर एक नजर
चालक : 180
परिचालक : 245
निगम बस : 103
अनुबंधित बस : 33
लोड फैक्टर : 66 प्रतिशत
डीजल औसत : 5.68 प्रतिशत
संचाचन चयनित मार्ग : 64
रोजाना आमदनी : 17 लाख
कोट
रोडवेज में लोड फैक्टर का जो मानक है वह 50 से कम न हो ऐसे में 25 सवारी बस में बैठने पर ही बसें गंतव्य के लिए भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इससे सुधार दिख रहा है।
-आयुष भटनागर, एआरएम, बस्ती डिपो