बस्ती। मेधा के राष्ट्रीय प्रवक्ता पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष दीन दयाल त्रिपाठी के संयोजन में बुधवार को यूजीसी का नया नियम वापस लिए जाने की मांग को लेकर बापू प्रतिमा के समक्ष धरना दिया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भले ही नए नियमों पर रोक लगा दिया है, लेकिन छात्रों और अभिभावकों में आशंका बनी हुई है। सरकार और यूजीसी को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
मेधा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीन दयाल त्रिपाठी ने शिक्षा बचाओ-भविष्य बचाओ नारे के साथ शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सवर्णों को भी अन्य वर्ग के लोगों की तरह ही समान अवसर देने की मांग की। कहा कि मेधा लगातार शिक्षा के सवाल और उसके बाजारीकरण के विरोध में संघर्षरत है। यह आंदोलन चरणबद्ध ढंग से जारी रहेगा। कहा कि यूजीसी की नीतियां शिक्षा की गुणवत्ता और समान अवसर दोनों को प्रभावित कर रही हैं। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। धरने में मुख्य रूप से प्रशांत पांडेय, रामरीका पांडेय, राहुल त्रिपाठी, प्रतीक मिश्र, गिरीश चंद्र गिरी, अंकित पांडेय, अमरनाथ यादव, विपुल सिंह, पद्युम्न उपाध्याय, उमेश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।