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Basti News: ट्रायल में सफल हुआ प्रदेश का तीसरा साइलो गोदाम

Sun, 24 Dec 2023 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। जिले के टिनिच रेलवे स्टेशन के पास भारतीय खाद्य निगम यानी कि एफसीआई के साइलो गोदाम निर्माण पूरा होने के बाद परीक्षण में भी खरा उतर गया है। यह लखनऊ व हापुड़ के बाद प्रदेश का तीसरा बड़ा गोदाम होगा। इस गोदाम में इस बार 50 हजार एमटी गेहूं का सुरक्षित भंडारण किया जा सकेगा।
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भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में अनाज भंडारण क्षमता की कमी और उचित रख रखाव के अभाव में हर साल देश के कई गोदामों में लाखों टन अनाज वर्षा एवं चूहों के कारण बर्बाद हो जाता है। एफसीआई में रखी गई खाद्यान्नों की गुणवत्ता ज्यादा दिनों तक बरकरार रखने के लिए सूबे में लखनऊ व हापुड़ के बाद अब बस्ती को स्टील साइलो गोदाम की सुविधा मिल गई है।



इसके लिए भारतीय खाद्य निगम व रेलवे की संयुक्त टीमों ने अपने-अपने जिम्मे के कार्यों को बखूबी पूरा कर लिया है। इससे जिले में अब तक चली आ रही गेहूं भंडारण की समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। यही नहीं, पड़ोसी जिलों के अनाज का भी यहां भंडारण किया जा सकेगा।
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पांच हजार टन गेहूं से हुआ ट्रायल

साइलो प्लांट में भारतीय खाद्य निगम ने मंडी स्थित गोदाम से पांच हजार टन गेहूं उपलब्ध करवाया, तब जाकर इसका परीक्षण हुआ। गोदाम के साइट मैनेजर अतुल डहेखर, लखनऊ एफसीआई के एजीएम सिविल कुंवर कुंज प्रताप, एफसीआई लखनऊ के एजीएम स्टोरेज रूपेश कुमार शॉ, गोरखपुर के मंडल प्रबंधक मनोज कुमार व एनसीएमएल अधिकारी त्रिभुवन बोरा की मौजूदगी में प्लांट का ट्रायल किया गया और उसके फंक्शन का बारीकी से परीक्षण किया। गोदाम निर्माण करने वाली हरियाणा की कंपनी एनसीएमएल के अधिकारी अतुल डहेखर ने बताया कि परीक्षण सफल रहा और अब यह गोदाम भंडारण के लिए तैयार हो चुका है।
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दूसरे जिलों के गोदामों के सहारे होता रहा भंडारण

जिले में गेहूं का भंडारण एक बड़ी समस्या बनी रहती है। हर साल औसतन 125 हजार एमटी गेहूं की खरीद होती है लेकिन भंडारण के लिए गैर जिलों के अलावा गोरखपुर तक के गोदामों की मदद ली जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए शासन ने प्रदेश में 16 साइलो गोदामों का प्रस्ताव तैयार किया था। लखनऊ व हापुड़ के बाद बस्ती में 640 करोड़़ रुपये से स्टील साइलो गोदाम का निर्माण टिनिच रेलवे स्टेशन से 300 मीटर की दूरी पर किया गया है।
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साइलो गोदाम की ये हैं खूबियां

भारतीय खाद्य निगम के तकनीकी जानकारों व बस्ती एफसीआई के प्रबंधक धीरज सिंह के अनुसार स्टील साइलो गोदाम पूरी तरह कंक्रीट से तैयार हुआ है। उसके अंदर दस-दस हजार एमटी क्षमता वाले बेलनाकार स्टील के पांच टैंक बनाए गए हैं। गोदाम की खासियत है कि इसमें न तो नमी होती है और न ही अनाज में बीमारियां लगती हैं। किसी भी मौसम में इसका तापमान एक जैसा ही रहेगा मौसम के अनुसार भंडारण गृहों का तापमान स्वतः नियंत्रित हो जाएगा। खाद्यान्न को बीमारियों से बचाने के लिए प्रयोग की जाने वाली औषधियां भंडारण गृहों को खोले बिना स्वचालित तकनीक से मिलाई जाएंगी। स्टील साइलो टैंक में बिना बोरी के लंबे समय तक अनाज स्टोरेज किया जा सकता है। किसान जब गेहूं लेकर ट्राली आदि से आएंगे तो डोंगे में पड़ने के बाद उसकी सफाई व छंटाई का काम मशीन खुद कर देगी। साफ-सुथरा गेहूं स्वतः गोदाम में पहुंच जाएगा। इसमें न तो बोरे की जरूरत पड़ेगी और न ही लेबर का काम लगेगा। गोदाम रेल लाइन के किनारे पर होने से अनाज की लोडिंग और अनलोडिंग आसानी से की जा सकेगी।
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