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रफ्तार पर लगाम: गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर स्पीड की क्रॉस, सीधे कटेगा E-चालान; हर 5 किमी पर लगेंगे SVD कैमरे

Sun, 05 Jul 2026 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती

सार

एनएचएआई को हाईवे के प्रत्येक पांच किमी पर दोनों लेन में एसवीडी कैमरा लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें डिजिटल साफ्टवेयर टीएमएस (परिवहन प्रबंधन प्रणाली) भी जुड़ा रहेगा। इस अत्याधुनिक कैमरे के जरिये वाहन की अधिक रफ्तार पकड़ में आ जाएगी। इन वाहनों का ऑटोमेटिक ई-चालान हो जाएगा।
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हाईवे पर चल रहे वाहन। संवाद
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विस्तार
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अब गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर रफ्तार पर नकेल कसने की ठोस रणनीति तैयार की गई है। हाईवे के प्रत्येक पांच किमी पर एसवीडी कैमरे लगाए जाएंगे। यदि चालक मानक से अधिक रफ्तार में वाहन चलाए तो कैमरे में लगा सर्विलांस सिस्टम गति नापने के साथ वाहन की स्पष्ट तस्वीर भी कैद कर लेगा।

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इसके बाद संबंधित वाहन का ऑटोमेटिक ई-चालान हो जाएगा। सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति ने हाईवे पर एसवीडी (स्पीड वायलेशन डिटेक्शन) कैमरा लगाने का प्लान तैयार किया है। इसमें एनएचएआई, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त भागीदारी होगी।

एनएचएआई को हाईवे के प्रत्येक पांच किमी पर दोनों लेन में एसवीडी कैमरा लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें डिजिटल साफ्टवेयर टीएमएस (परिवहन प्रबंधन प्रणाली) भी जुड़ा रहेगा। इस अत्याधुनिक कैमरे के जरिये वाहन की अधिक रफ्तार पकड़ में आ जाएगी। इन वाहनों का ऑटोमेटिक ई-चालान हो जाएगा।
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यह व्यवस्था बनने के बाद हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम जाएगी। इससे सड़क हादसों पर लग सकेगा लगेगा। विभिन्न सड़क हादसों की जांच की हालिया रिपोर्ट में इसकी मुख्य वजह ओवर स्पीड ही सामने आई है। विभिन्न कंपनियों की लग्जरी चार पहिया गाड़ियां पल भर में सौ किमी प्रतिघंटा से अधिक रफ्तार दो दौड़ती हैं।

इस रफ्तार के अनुकूल लखनऊ-गोरखपुर हाईवे नहीं है। इसीलिए ओवर स्पीड के दौरान हादसों की आशंका बढ़ जाती है। सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत चलाए जाने वाले अभियान का भी स्पीड नियंत्रण पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ रहा है। इस वजह से नई व्यवस्था बनाई जा रही है।
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