फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना की आहट : खांसी आए तो जांच कराएं, भीड़ से बचें

Sun, 24 Dec 2023 01:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। कोविड के नए वैरिएंट जेएन-1 को लेकर स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हो गया है। देश में मामले बढ़ने के बाद इससे बचाव के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इसके तहत त्योहारों पर लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। इसके अलावा यदि कोई संक्रमित मिलता है तो उसकी जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाएगी। शासन-प्रशासन ने लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने और खांसी आने पर जांच कराने की अपील की है।
विज्ञापन

वहीं, इसके उलट लोग दबे पांव बढ़ रहे कोरोना के खतरे से बेपरवाह बने हुए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर दो गज दूरी और मास्क जैसी सावधानियों से दूरी ही दिख रही है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला चिकित्सालय व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर मरीजों व लोगों की भीड़ देखने को मिली। चिकित्सालय में शनिवार को पर्ची के लिए लंबी लाइन थी, एक दूसरे से लोग सट कर खड़े थे। न तो चेहरे पर मास्क था न किसी को कोराना की फिक्र थी। यहां लाइन में लगे मरीजों ने कहा कि कोरोना तो अब जा चुका है। सर्दी खांसी तो हर साल ठंडक व गर्मी में लोगों को होती है। डरने जैसी कोई बात अब कोरोना में नहीं है।
यह है नई गाइड लाइन
सरकार द्वारा जारी की गई नई गाइड लाइन के अनुसार खांसी, बुखार और सांस के रोगियों की कोविड जांच की जानी है। क्रिसमस व नए वर्ष पर होटल, रेस्त्रां व मॉल में लोगों की भीड़ जुटेगी, इससे संक्रमण के प्रसार की आशंका है। इसको देखते हुए कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विज्ञापन

कोविड के नए वैरिएंट जेएन-1 को लेकर शासन ने सभी सरकारी, निजी अस्पतालों के साथ ही सीएमओ को नई गाइडलाइन जारी कर दी। इसके तहत इंफ्लुएंजा जैसे लक्षणों, खांसी, बुखार व श्वांस संबंधी बीमारियों की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की कोविड जांच कराई जाएगी। इनके कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए नमूना केजीएमयू भेजा जाएगा। नई गाइडलाइन के तहत खांसी, जुकाम, बुखार व श्वांस संबंधी रोगियों पर विशेष तौर पर नजर रखी जाएगी। इन मरीजों की जब तक कोविड रिपोर्ट नहीं आती है तब तक आइसोलेशन में रखकर इलाज किया जाएगा।
-
जरूरत पर ही कराई जाती है जांच
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. सुरेश चंद्र कौशल ने बताया कि अस्पताल में अभी ऐसा कोई मरीज नहीं मिला है। इसलिए जांच नहीं कराई जा रही है। तैयारी पूरी है। कोविड की नई गाइड लाइन के पहले ही जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 30 बेड के वेंटीलेटर युक्त वार्ड तैयार हैं। आइसोलेशन वार्ड भी बनाया जा चुका है।

मेडिकल कॉलेज में 60 बेड का वेंटीलेटर युक्त वार्ड तैयार किया जा चुका है। मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन जनरेशन सेंटर भी तैयार है। एक माह पहले मॉकडि्रल में इसका सफल परीक्षण भी किया जा चुका है। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए कॉलेज प्रशासन तैयार है। - डॉ. मनोज कुमार, प्रधानाचार्य
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें