बस्ती। बदलते मौसम में त्वचा रोगी और बुखार पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह बुखार न केवल बदन तोड़ रहा है बल्कि गले में खराश की शिकायत भी बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को 804 मरीज उपचार के लिए आए थे। इसमें से अधिकांश मरीज बुखार के थे। चिकित्सक इसे वायरल संक्रमण बता रहे हैं।
मौसम में तेजी के साथ बदलाव हो रहा है। सुबह के समय कभी कोहरा तो आसमान साफ होने से सुबह ही हल्की धूप निकल जा रही है। इसके सुबह शाम ठंड पड़ने के साथ दिन के समय मौसम शुष्क बना हुआ है। इससे कभी ठंड हो जाती तो कभी गर्मी का एहसास हो रहा है। ऐसे में लोगों के शरीर का तापमान भी गड़बड़ा गया है। फिजिशियन डॉ. अखिलेश मद्देशिया के अनुसार, मौसम में बदलाव होने के समय यदि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ेगा।
ऐसे मौसम में संक्रामक बीमारियां होने की आशंका अधिक रहती है। वायरल संक्रमण की चपेट में न सिर्फ युवा आ रहे हैं, बल्कि बच्चे और बुजुर्ग भी हैं। सभी इस बुखार से पीड़ित हैं। दवा लेने के बाद भी यह बुखार उतर नहीं रहा है। यह बुखार जाने में कम से कम आठ से 10 दिन का समय ले रहा है। वहीं, सीएचसी-पीएचसी पर भी बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
उन्होंने बताया कि ठंडे खाद्य और पेय पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए। बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर परामर्श लेना चाहिए। खांसी और सर्दी के साथ बदन दर्द के रोगी आ रहे हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राम अनुग्रह के अनुसार, बदलते मौसम में त्वचा रोगी बढ़े हैं। खुजली के साथ एग्जिमा वाले पेशेंट अधिक आ रहे हैं।
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यह करें बचाव
- बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें।
- घर पर बने खाद्य पदार्थों का सेवन करें, बाहरी खाद्य पदार्थ से बचें
- गुनगुने पानी का सेवन करें, इससे गला ठीक होगा
- गले में खराश होने पर गुनगुने पानी से गरारे करें।
बदलते मौसम में वायरल की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। संक्रमण में आने वाले हर मरीज की जांच कराकर दवा दी जा रही हैं। अस्पताल में दवा पर्याप्त है।
-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।