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खेत की मिट्टी की सेहत सुधारेगा मृदा परीक्षण विभाग

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खेत की मिट्टी की सेहत सुधारेगा मृदा परीक्षण विभाग
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बस्ती। धरती की क्षीण होती उर्वरा शक्ति के लिए केंद्र सरकार चिंतित है। इसे बेहतर बनाने के लिए सरकार नेशनल मिशन फॉर सस्टनेबल एग्रीकल्चर के तहत संचालित मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को और क्रियाशील बनाने में जुट गई है। इसके लिए गाइड लाइन भी जारी की गई है। जिले के पांच ब्लॉकों के पांच-पांच गांवों को चयनित कर उन्हें मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
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इन गांवों में मृदा स्वास्थ्य संबंधी जांच के बाद मिट्टी के सूक्ष्म पोषक तत्व व जैविक उर्वरक की कमी दूर कर इन तत्वों की फसल विकास में भूमिका को पहचानने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मृदा परीक्षण विभाग ऐसे गांवों में एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्रदर्शन भी करेगा। इस योजना में विक्रमजोत, हर्रैया, कप्तानगंज, दुबौलिया और गौर ब्लॉक के पांच-पांच गांवों के 25 कृषकों को प्रशिक्षित किया गया है। यहां जैविक उर्वरक व सूक्ष्म पोषक तत्व में आर्गेनिक कार्बन, जिंक, सल्फर व बोरान तत्व की कमी पाई गई है। इन तत्वों की कमी से फसल उत्पादन पर क्या प्रभाव पड़ता हैै, इसे किसानों को बताया गया है। आर्गेनिक कार्बन की कमी जड़ों व पौध विकास को प्रभावित करती है। जिंक व सल्फर की कमी से पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और पौध का बढ़वा रुक जाता है। जबकि बोरान की कमी से फल फट जाते हैं और उत्पादन प्रभावित होता है। सहायक निदेशक मृदा परीक्षण हरेंद्र प्रसाद व मंडल प्रभारी मृदा परीक्षण अरविंद सिंह ने बताया कि किसानों की जागरूकता के लिए लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। किसान जागरूक होंगे, तभी फसल गुणवत्ता युक्त मिलेगी। किसानों को मृदा परीक्षण के माध्यम से मिट्टी को जरूरत के सूक्ष्म पोषक तत्व व जैविक उर्वरक दिया जाएगा, जिससे बेहतर एवं गुणवत्ता युक्त उत्पादन किसानों को मिल सके।
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