बस्ती। लंबित मानदेय के भुगतान, मानदेय में वृद्धि और कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराने समेत 15 सूत्री मांगों को लेकर सोशल ऑडिट कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को डीडीओ को ज्ञापन सौंपा। सोशल ऑडिट वेलफेयर एसोसिएशन के संयोजक राम प्रकाश के नेतृत्व में पहुंचे कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि 20 दिन में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो शांतिपूर्ण धरना, घेराव और रैली के माध्यम से आंदोलन किया जाएगा।
संयोजक ने कहा कि सोशल ऑडिट कर्मचारी पिछले कई वर्षों से सीमित मानदेय पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। मांगों के समर्थन में कर्मचारी 12 अक्तूबर से काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं।
डीडीओ के माध्यम से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री, आयुक्त ग्राम्य विकास और निदेशक, सोशल ऑडिट निदेशालय, लखनऊ को भेजे गए ज्ञापन में जिला और ब्लॉक सोशल ऑडिट कोऑर्डिनेटरों सहित अन्य कर्मचारियों के लंबित मानदेय, व्यावसायिक शुल्क और अन्य भुगतानों का तत्काल निस्तारण कराने की मांग की गई है। संगठन ने जिला सोशल ऑडिट कोऑर्डिनेटर का मानदेय 50 हजार रुपये और ब्लॉक सोशल ऑडिट कोऑर्डिनेटर का मानदेय 40 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग उठाई है।
साथ ही बीआरपी और वीआरपी के मानदेय में भी महंगाई के अनुरूप वृद्धि की मांग की गई है। एसोसिएशन के वरिष्ठ मंत्री श्रवण कुमार दुबे और कोषाध्यक्ष दिनेश लाल श्रीवास्तव ने कहा कि करीब 16 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की जानी चाहिए, ताकि वे परिवार का भरण-पोषण सम्मानजनक ढंग से कर सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यात्रा और दैनिक भत्ते में वृद्धि के साथ ही जिला एवं ब्लॉक स्तर पर लैपटॉप, एंड्रॉयड डिवाइस, इंटरनेट सुविधा और योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए मिनी लाउडस्पीकर उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
इस दौरान राम प्रकाश, श्रीकांत तिवारी, मधुबाला, सुधा रानी, कुंतेश वर्मा, वंदना शुक्ला, प्रेम प्रकाश, दिनेश कुमार, राजकुमार आदि मौजूद रहे।