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Basti News: इतनी कंगाली! मरम्मत तो दूर, सड़क के गड्ढों में गिट्टी तक नहीं डाली

Fri, 15 Dec 2023 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। शहर की सड़कों की सूरत दिन-ब-दिन बिगड़ती ही जा रही है। कहने को स्वतंत्र कार्यदायी संस्था के रूप में नगर पालिका और बीडीए है। इसके अलावा विधायक और सांसद निधि भी है। मगर, इतनी कंगाली... कि शहर की प्रमुख सड़कों की मरम्मत तक नहीं हो पा रही है। सड़क के गड्ढों में पांच, दस हजार के खर्च से राबिश और गिट्टी तक नहीं डाली गई, ताकि कम से कम राह तो चलने लायक हो जाए।
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अन्य नगरों की तरह अपना शहर विकास के क्षेत्र में कदमताल नहीं कर पा रहा है। चलने के लिए डिवाइडर युक्त जो सड़कें बनी थीे वह भी साथ छोड़ने पर आमादा है। कदम-कदम पर हिचकोले हैं। अगर गंतव्य पहुंचने की जल्दी है तो रफ्तार के साथ यहां की सड़कों पर अदृश्य अनहोनी भी खड़ी है। कब कहां किस गड्ढे में दो पहिया, चार पहिया वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। मालवीय और रेलवे स्टेशन मार्ग पर पैदल भी संभलकर चलना पड़ रहा है।
सुबह लोग टहल रहे हैं तो सड़क के दायरे से हटकर फुटपाथ का किनारा पकड़कर चल रहे हैं। डर है कि कहीं ऐसा न हो कि सड़क के गड्ढों में पैर चला जाए और टहलना भारी पड़ जाए। माेहल्लों और गलियों में तो सड़कों की स्थिति और बदतर है। हाल ही में सड़कों की मरम्मत कार्य एवं गड्ढों को भरे जाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी को अवमुक्त हुए हैं। बावजूद इसके शहरी क्षेत्र की सड़कों की दशा नहीं सुधारी जा सकी है।
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मालवीय मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे
फव्वारा तिराहा से शुरू और रोडवेज तिराहा पर खत्म होने वाली दो किलोमीटर लंबे मालवीय मार्ग जगह- जगह टूट गए हैं। मालवीय मार्ग के नाम से चर्चित इस सड़क पर चलने लायक नहीं हैं। रौता, बैरियहवा, विद्युत वितरण मंडल कार्यालय, करतार, रंजीत चौराहा, नेहरू तिराहा के पास इस सड़क का अस्तित्व मिटने के कगार पर है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। छोटे-बड़े वाहन हिचकोले खाकर चलते हैं।
रेलवे स्टेशन मार्ग की हालत खराब
नवीन सब्जी मंडी से रेलवे स्टेशन तक सड़क की हालत बहुत खराब हो गई है। यहां बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। ऑटो, कार, मोटरसाइकिल आदि वाहन हिचकोले खाकर तो निकल जा रहे हैं, मगर बैटरी वाहनों में ई- रिक्शा, स्कूटी का यहां से निकलना कठिन हो गया है। गड्ढों में गड्डमड्ड स्थिति में यह वाहन जैसे- तैसे आगे बढ़ पाते हैं। यहां अक्सर दुर्घटना भी हो रही है।
संपर्क मार्गों पर भी चलने लायक नहीं
विभिन्न वार्डों में बंटे शहर के मुख्य संपर्क मार्ग भी चलने लायक नहीं है। अमरूतहिया मार्ग क्षतिग्रस्त है। यहां कदम- कदम पर हिचकोले हैं। मंगला कॉलोनी मार्ग असुरक्षित और खस्ताहाल है। शहर के मध्य क्षेत्र की इस सड़क पर खड़ंजे की ईंट दो-दो फिट धंस गई है। मरम्मत कार्य की चर्चा तक नहीं है। ब्लॉक रोड की दुर्दशा पूछिए मत। पैच कार्य पूरी तरह उखड़ गया है। वाहनों के आने-जाने के दौरान धूल उड़कर घरों और दुकानों में जा रही है। महरीखांवा, ओरीजोत, बेलवाडाड़ी, दरिया खां आदि मोहल्लों को जोड़ने वाली सड़कों की भी हालत दयनीय हो गई है।
सीएम आए थे तो बन गई थी सड़क
दो महीने पहले 4 अक्तूबर को स्टेशन रोड स्थित बाला जी प्रकाश परिसर में आर्य समाज के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का आना निश्चित हुआ। उनका रूट चार्ट शहर के बाहर से होते हुए सोनूपार, कैली होते हुए तय किया गया। इस पर भी दक्षिण दरवाजा से कार्यक्रम स्थल तक 500 मीटर लंबी सड़क बदहाल थी। प्रशासन ने रातोंरात इस सड़क को हाट मिक्स प्लांट से नई करवा दी। कंगाली का रोना रो रही नगर पालिका से धन का इंतजाम हुआ। पीडब्ल्यूडी ने इस सड़क का निर्माण कराया। जबकि सामान्य स्थिति में सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया ही पूरी करने में महीने गुजर जाते हैं।
दो साल में पुलिया बनी, छोड़ दिया एप्रोच का निर्माण
मालवीय मार्ग पर पिकौरा शिवगुलाम स्थित पेट्रोल पंप के पास नगर पालिका ने गंदा नाला के ऊपर पुलिया निर्माण में दो साल लगा दिए। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण नागरिकों को कई बार आंदोलन तक करना पड़ा। किसी तरह यह पुलिया बनी तो एप्रोच बनाए बिना छोड़कर चल दिए। अब यहां तिर-बितर गिट्टियों पर आवागमन हो रहा है।
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शहर का विकास नहीं हो रहा है। सड़कों की हालत बहुत खराब है। इसके लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधि सभी जिम्मेदार हैं।
-जुल्कर अली, पिकौरा शिवगुलाम
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प्रमुख सड़क हो या गली-मोहल्ला की सड़कों पर चलने लायक नहीं है। जनप्रतिनिधि, अधिकारी सभी गैर जिम्मेदार बने हुए हैं।
सुनील पांडेय, रौता चौराहा
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मंगला काॅलोनी की मुख्य सड़क जगह-जगह धंस गई है। जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। चुनाव के समय तो बड़े-बड़े वादे हुए थे।
सुधाकर त्रिपाठी, पिकौरा शिवगुलाम
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रेलवे स्टेशन, मालवीय मार्ग चलने लायक नहीं है। मरम्मत के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को गंभीर होना चाहिए।
अमित पांडेय, बैरियहवा।
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कोट
शासन से धन की मांग की गई है। उपलब्ध बजट से कुछ मोहल्लों में सड़क और नाली का निर्माण कराया जा रहा है। प्रयास है कि जल्द सड़कों की दशा बेहतर की जाए।
नेहा वर्मा, अध्यक्ष, नगर पालिका
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