बस्ती। पूरब से पश्चिम तक दौड़ने वाली ट्रेनों के साथ तस्करी की भी रफ्तार तेज हो गई है। ट्रेनों के जरिये नेपाल का गांजा बिहार के रास्ते पंजाब और दिल्ली तक पहुंचाया जा रहा है। शराब बंदी वाले बिहार राज्य में चंडीगढ़, दिल्ली तक का शराब यूपी के रास्ते पार किया जा रहा है। रेलवे सुरक्षा बल गोरखपुर एवं लखनऊ के उच्चाधिकारियों को इसकी भनक लग चुकी है। ट्रेनों में तस्करी के सक्रिय गिरोह की धर पकड़ के लिए आरपीएफ की स्पेशल टास्क टीम लगाई गई है।
इधर पंद्रह दिनों से सक्रिय स्पेशल टॉस्क टीम पूर्वाेत्तर रेलवे के एक्सप्रेस ट्रेनों में लगातार सघन चेकिंग अभियान चला रही है। हाल के दिनों में बस्ती-गोरखपुर के बीच ललितग्राम से चलकर नई दिल्ली को जाने वाली वैशाली स्पेशल ट्रेन के जनरल कोच 17 किलो गांजा भी बरामद किया जा चुका है। जिसे बस्ती रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी पुलिस ने संयुक्त रूप से मालखाने में जमा कराया है। प्रकरण की जांच में स्पेशल टॉस्क टीम के अलावा आरपीएफ बस्ती और जीआरपी बस्ती की टीम भी जुटी हुई है।
सूत्रों के अनुसार रेलवे पुलिस को तस्करी करने वाले गिरोह का अहम सुराग पता चल गया है। बिहार और पंजाब दोनाें राज्यों में ट्रेनों से गांजा और शराब की तस्करी करने वाला गिरोह सक्रिय है। रेलवे पुलिस के अनुसार नेपाल का गांजा अधिक मात्रा में बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में लाया जाता है। धंधेबाज इसे कोड भाषा में चंपारन नाम से जानते-समझते हैं। इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत लाखों में है। धंधेबाज एक, दो और तीन किलो का अलग-अलग पैकेट तैयार कर इसे ट्रेनों के जरिये बिहार से यूपी, पंजाब, दिल्ली, मुंबई तक पहुंचा रहे हैं।
शराब की तस्करी में भी यही खेल हो रहा है। ट्रेनों के कोच में सीट के नीचे, वाॅशरूम के आसपास अलग-अलग रंग के पेपर से पैक गत्ते या बोरियों में शराब की शीशियां रख दी जा रही हैं। यूपी सीमा सुरक्षित पार होने के बाद इसे बिहार राज्य के विभिन्न स्टेशनों पर उतार लिया जा रहा है। रेलवे पुलिस के अनुसार ट्रेनों से तस्करी किए जा रहे मादक पदार्थों के साथ गिरोह से जुड़े कैरियर भी चल रहे हैं।
पहचान छिपाने के लिए वह यात्रियों के बीच बैठकर चलते हैं। ट्रेन में मादक पदार्थ थाेड़ी दूरी पर रखे रहते हैं। इसके पकड़े जाने पर वह अन्य यात्रियों की तरह अनजान बन जाते हैं। जिससे कैरियर की पहचान पुलिस को नहीं हो पाती है। इनके पास भी यात्रा टिकट रहता है।
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स्टेशनों पर खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज
रेलवे पुलिस तस्करों के गिरोह को पकड़ने के लिए यूपी से बिहार तक जाल बिछाना शुरू कर दी है। संदिग्ध स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। ट्रेनों में अभी तक बरामद गांजा और शराब के पैकेट किस स्टेशन पर किसके जरिये रखे गए यह पता लगाने में टीम जुट गई है। गोरखपुर और बस्ती के बीच पड़ने वाले कुछ संदिग्ध स्टेशनों पर फुटेज खंगाले गए हैं। रेलवे पुलिस का दावा हैं कि बहुत जल्द इस मामले में बड़ी सफलता मिल सकती है।
ट्रेन में पकड़ी गई शराब
31 मई को गोरखपुर-शवंतपुर एक्सप्रेस ट्रेन के कोच संख्या बी नौ में सहायक वाणिज्य प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे चेकिंग कर रहे थे। तभी कोच में तैनात कोच अटेंडेंट राम समुझ प्रसाद के पास से 45 पाउच देसी शराब बरामद हुआ। आरोपी कोच अटेंडेंट को बस्ती रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतारा गया। जीआरपी बस्ती ने कोच अटेंडेंट को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसकी पहचान ग्राम विचखोप थाना मलिक परसा जिला महाराजगंज के रूप में हुई थी। इसी तरह सप्ताह भर पहले प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ी सत्याग्रह एक्सप्रेस ट्रेन से लखनऊ की स्पेशल टास्क टीम ने बोरी से 27 पाउच 8 पीएम स्पेशल तथा 19 पाउच ऑफिसर्स चॉइस मंत्र अंग्रेजी शराब बरामद किया था। शराब की कुल मात्रा 8.280 लीटर बताई गई।
कोट
ट्रेनों के जरिये मादक पदार्थों की हो रही तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे पुलिस सक्रिय है। तस्करी करने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसमें सफलता मिलने की काफी उम्मीद है।
-राशिद वेग मिर्जा, प्रभारी निरीक्षक, आरपीएफ, बस्ती।