बस्ती के गांधी नगर का मुख्य मार्ग।
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ओडिशा मॉडल पर शहर में सीवरेज सिस्टम
बस्ती। पानी निकास की समस्या से जूझ रहे शहर को राहत देने के लिए योजनाबद्ध ढंग से सीवर सिस्टम पर कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत करीब 80 प्रतिशत सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। शहर में ओडिशा मॉडल पर सीवरेज सिस्टम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसके लिए टीम को वहां भेजा जाएगा, जो सिस्टम की तकनीकी जानकारी हासिल करेगी।
अमृत योजना में शहर को सीवरेज सिस्टम की सौगात दी गई है। इसके लिए नगर पालिका के साथ मिलकर जल निगम शहरी योजना के क्रियान्वयन में जुटा है। पहले चरण का काम करीब-करीब पूरा है, जबकि दूसरे चरण में मार्च-2020 के अंतिम सप्ताह तक प्रस्ताव तैयार कर लिया जाएगा। इसमें शहरी क्षेत्र के विभिन्न स्थलों पर पांच पंपिंग स्टेशन के अलावा चांदमारी पर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होगा। यहां से पानी को शुद्ध कर उसे नदी अथवा सिंचाई के उपयोग में लाया जाएगा। ट्रीटमेंट के बाद पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के लिए उसे हवा का उपयोग किया जाएगा। पानी को तेज गति से ऊपर ले जाकर छोड़ा जाएगा। इस प्रक्रिया से पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाएगी। इससे निकलने वाले कचरे का उपयोग उर्वरक बनाने के काम में लाया जाएगा। योजना में शहरी क्षेत्र में करीब 250 से 300 किमी सीवर लाइन बिछेगी। पंपिंग स्टेशन के माध्यम से उसे खींचा जाएगा, जिससे पानी का बहाव तेजी से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच सके। योजना पर फिलहाल करीब 250 करोड़ खर्च का अनुमान है। प्रस्ताव तैयार करने के बाद इसे शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
नगर पालिका के ईओ अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि योजनाबद्ध ढंग से सीवर सिस्टम को यहां स्थापित किया जाएगा। कहा कि उडीसा के पुरी इलाके में स्थित सेंटर की तर्ज पर यहां के सिस्टम को प्लान किया गया है। एक टीम वहां भेज कर तकनीकी जानकारी ली जाएगी, जिससे पानी का भरपूर उपयोग किया जा सके। योजना में शासन की मुहर लगने के बाद इसके क्रियान्वयन में लंबा समय लगेगा। प्रस्ताव बनाया जा रहा है। संभव है मार्च के अंतिम सप्ताह तक प्रस्ताव तैयार हो जाएगा।