महोदय योग में होगा मौनी अमावस्या स्नान
बस्ती। मौनी अमावस्या के दिन आज यानी बृहस्पतिवार को महोदय महायोग में स्नान-दान का पुण्य अर्जित करने का सौभाग्य मिलेगा। श्रवण नक्षत्र में चंद्रमा और छह अन्य ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेंगे। जिसे विद्वानों ने महोदय महायोग बताया। ऐसी मान्यता है कि महोदय योग में स्नान, दान और पितरों का पूजन करने से पाप का क्षय और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और रोग से लड़ने की शक्ति बढ़ती है।
इस लोक पर्व को लेकर शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह और मान्यता देखी जाती है। जिले में होकर बहने वाली सरयू, कुआनो, मनवर आदि नदी के टांडा-कलवारी, नौरहनी, अमहट, मोहटा, लालगंज, सेरवा आदि घाटों पर बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे और मेले भी लगते रहे हैं।
नगर बाजार श्री दुर्गा मंदिर के पुजारी जय प्रकाश द्विवेदी बताते हैं कि संगम तट पर और गंगा में देवताओं का वास रहता है। इससे गंगा स्नान करना ज्यादा फलदायी होता है। ग्रहों का दुर्लभ संयोग बनने के कारण इसका महत्व को कई गुणा बढ़ गया है। शास्त्रों में मौनी अमावस्या के दिन सुबह से मौन व्रत रखते हुए ध्यान चिंतन आदि करना ज्यादा श्रेयस्कर माना गया है। पंडित द्विवेदी के मुताबिक पूरे साल में 12 अमावस्या होती है। इसमें से मौनी अमावस्या का अपना खास महत्व है। इस दिन तेल, तिल, सूखी लकड़ी, कपड़े, गर्म वस्त्र, कंबल और जूते दान करने का विशेष महत्व है। जिन जातकों की कुंडली में चंद्रमा नीच का होता है, उन्हें इस दिन दूध, चावल, खीर, मिश्री और बताशा दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
घर में भी त्रिवेणी
अगर किसी तीर्थ स्थल पर जाने में असमर्थ है तो आज घर पर ही पानी में त्रिवेणी या गंगाजल मिलकर स्नान करके लाभ उठा सकते है। इस दिन स्नान के बाद तिल, तिल के लड्डू, तिल का तेल, आंवला तथा कम्बल का दान करने से जीवन में सुख समृद्धि बढाती है। इस दिन पितरों का श्राद्ध करने से उनका आशीर्वाद मिलता है।साथ ही यह भी माना जाता है कि इस दिन से द्वापर युग का आरंभ भी माना जाता है।
मौनी अमावस्या पूजा विधि
मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर व्रत रखें। इसके साथ ही व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर में पीले फूल, केसर, चंदन, घी का दीपक और प्रसाद के साथ पूजन करें। इसके बाद विष्णु चालीसा का पाठ करें। इसके बाद विधि-विधान से आरती करें। इसके बाद विष्णु भगवान को पीले रंग की मीठी चीज से भोग लगाए।