मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया एक बुजुर्ग दंपती के लिए वरदान साबित हुई। 24 साल पहले घर छोड़कर गया बेटा एसआईआर के चलते अपने घर लौट आया। बेटे को सामने देखकर वृद्ध माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े और घर में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
नगर थाना क्षेत्र के ग्राम बढ़नी निवासी गुरुदत्त मिश्र का बेटा आनंद 24 साल पहले 18 वर्ष की उम्र में नाराज होकर घर छोड़कर चला गया था। वर्षों तक तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर माता-पिता ने उम्मीद छोड़ दी थी। समय के साथ उनकी उम्र ढल गई और लोगों ने मान लिया कि आनंद अब इस दुनिया में नहीं है।
इधर, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान आनंद का नाम मतदाता सूची में बिना माता-पिता के विवरण के दर्ज पाया गया। विवरण पूर्ण कराने के लिए आनंद ने इंटरनेट के माध्यम से ग्राम प्रधान का नंबर खोजा और संपर्क किया। परिवार की जानकारी मिलने के बाद 24 दिसंबर को वह गांव लौट आया।
बेटे को जीवित देखकर माता-पिता भावुक हो उठे। पूरे गांव में इस सुखद मिलन की चर्चा है। आनंद के पिता गुरुदत्त मिश्र सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि एसआईआर के कारण उन्हें वह खुशी मिली, जिसकी उम्मीद वे छोड़ चुके थे।
उत्तराखंड में करता है कारोबार
आनंद ने बताया कि वह उत्तराखंड के ऋषिकेश से लगभग छह किलोमीटर दूर अपना कारोबार करते हैं। घर छोड़ने के बाद उन्होंने दिल्ली के करोलबाग निवासी राधिका से विवाह किया। उनके दो बेटे हैं 18 वर्षीय ओम और 13 वर्षीय शिवम। आनंद ने कहा कि अब वह अपने माता-पिता का पूरा ध्यान रखेंगे।