रामजीत के परिवार और आसपास के घरों के लोग बाहर निकले तो रामजीत को लोगों ने खून से लथपथ देखा। उनकी आंख के नीचे नाक के पास दो गोलियों के निशान थे। कुछ लोगों ने एक ही बाइक पर सवार तीन लोगों को भागते देखा। शोर मचाते हुए लोगों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की पर सफल नहीं हुए।
इस बीच किसी ने पुलिस को घटना की सूचना दे दी। थानाध्यक्ष सुनील गोंड कुछ ही देर में पुलिस टीम के साथ मौके पर पंहुच गए। एंबुलेंस से रामजीत को इलाज के लिए सीएचसी कप्तानगंज ले जाया गया पर उनकी हालत गंभीर देख डाॅक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे पर वहां डाॅक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गोली मारे जाने की सूचना पर देर रात सीओ सिटी और कोतवाल भी जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने परिजनों से मामले की जानकारी ली।