टिनिच। कुआनो नदी के महादेवा, बाराह छत्तर, गटरा के पास सिल्ट जमा होने से यह नाले के रूप में तब्दील हो रही है। अजगैवाजंगल के प्रधान प्रतिनिधि चंद्र शेखर चौधरी ने नदी की सफाई की मांग की है। जिले की जीवन रेखा कही जाने वाली इस नदी का उद्गम बहराइच जिले के बसऊपुर गांव के निकट हुआ है वहां से बलरामपुर, गोंडा, बस्ती, संतकबीरनगर होते हुए यह नदी गोरखपुर में घाघरा नदी में मिलती है।
इस नदी के किनारे, बलकेश्वर नाथ, वाराह क्षेत्र, भद्रेश्वरनाथ मंदिर सहित दर्जनों धार्मिक स्थल हैं। विभिन्न पर्वों पर लोग इसमें स्नान दान आदि करते हैं। कुछ वर्षों से सिल्ट जमा होने से नदी का पाट घट रहा है और नदी उथली होती जा रही है।
भदना गांव के जटाशंकर पांडेय का कहना है कि महादेवा व वाराह छत्तर घाट पर सिल्ट के कारण पाट की चौड़ाई कम होती जा रही है। अब पानी भी कम रहता है। अजगैवाजंगल के प्रधान प्रतिनिधि चंद्र शेखर चौधरी कहते हैं कि सिल्ट केे चलते नदी की सोती घट रही है। यदि नदी की सफाई नहीं कराई गई तो नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।