पक्का बाजार गांधीनगर में लटकते जर्जर बिजली के तार।
बस्ती। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए केंद्र सरकार की रीवैंप योजना के क्रियान्वयन में शटडाउन का पेच फंस गया है। योजना के प्रथम चरण में जर्जर तार व खंभे बदले जाने के साथ ही लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में एरियल बंच कंडक्टर (एबीसी) लगाया जाना है, लेकिन कार्यदायी संस्था को शटडाउन न मिलने के कारण शहर में काम शुरू नहीं हो पाया है।
बिजली आपूर्ति संसाधनों में सुधार के लिए जिले में रीवैंप योजना लागू की गई है। इसके तहत विद्युत वितरण निगम करीब 83 करोड़ रुपए खर्च करेगा। तार, खंभे व अन्य संसाधनों को बदलने के लिए कार्यदायी संस्था ने सर्वे का काम मार्च में ही पूरा कर ग्रामीण वितरण खंडों में कार्य भी शुरू कर दिया। शहर में शटडाउन न मिलने से संसाधनों में सुधार का पेच फंस गया है। विद्युत वितरण खंड प्रथम (नगरीय) के प्रभारी अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि गर्मी पीक पर है। ऐसे में आपूर्ति रोक कर तार और खंभे बदलने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। आपूर्ति बाधित होने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ जाएगी। तापमान सामान्य होने पर ही कार्यदायी संस्था को शटडाउन दिया जाएगा।
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- योजना के तहत ग्रामीण वितरण खंडों में काम शुरू करा दिया गया है। वितरण खंड हर्रैया के शृंगीनारी और मखौड़ा, खंड द्वितीय के गौर व खंड तृतीय के सल्टौआ उपकेंद्र के तहत काम चल रहा है। तापमान अधिक होने के कारण अभी शहर में शटडाउन नहीं दिया जा सकता है। गर्मी कम होने के बाद ही शटडाउन दिया जाएगा। योजना के तहत दो साल में काम पूरा किया जाना है। -एसके आर्या, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल बस्ती।
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प्रथम चरण में जिले में होने हैं ये कार्य
- 11 केवी लाइन 296 किलोमीटर
- 33 केवी लाइन 72.5 किलोमीटर
- 33 केवी खंभे 11031
- 11 केवी खंभे 1484
- एरियल बंच कंडक्टर 1102 किलोमीटर