बस्ती। महर्षि वशिष्ठ आश्रम बढ़नी मिश्र में चल रही गुरु वशिष्ठ रामायण कथा के आठवें दिन बुधवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि श्रीराम चरित मानस विश्व ग्रंथ है। इसमें संसार के सभी प्रकार के समस्याओं के समाधान का स्वर है। संसद में सर्वसम्मति से श्रीराम चरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाना चाहिए।
रामभद्राचार्य ने कहा कि जब-जब राष्ट्र पर संकट आए तब-तब संत समाज को एकजुट हो जाना चाहिए। कहा कि संसार के लिए वे जगदगुरु हैं लेकिन पूर्वान्चलवासियों, बढ़नी मिश्र के लिए वे पारिवारिक सदस्य हैं। कहा कि बढ़नी मिश्र का मूल नाम वर्धिनी था जो विकृत होकर बढ़नी मिश्र हो गया। वशिष्ठ आश्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए वह पूरा प्रयास करेंगे।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि महाराज दशरथ अपने चारों पुत्रों के लाड प्यार में व्यस्त हो गए और जनकजी चारों बेटियों के दुलार में, इसका परिणाम यह हुआ कि रावण का आतंकवाद सीमा पार हो गया। भारत जब आतंकवाद से घिर गया तो श्रीराम ने आतंकियों का वध कर उन्हें मोक्ष दिया। उन्होंने कहा कि महर्षि वशिष्ठ सनातन धर्म के वैदिक परंपरा के प्रथम प्रवर्तक हैं। उन्होंने श्रीराम और चारों भाइयों को 56 दिन के भीतर ज्ञान दिया।
कथा प्रारंभ होने के पूर्व मुंबई के कलाकार नीरज तिवारी ने भजन गाकर कथा पंडाल में जोश भर दिया। आयोजक राना दिनेश प्रताप सिंह नगर पंचायत नगर की अध्यक्ष नीलम सिंह राना, राजेश त्रिपाठी, नीलम त्रिपाठी ने पादुका पूजन किया।
मुख्य यजमान चंद्र भूषण मिश्र, हरैया विधायक अजय सिंह, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पवन कसौधन, कुमार स्वीट्स के मालिक राजन गुप्ता, सतीश सिंघल, मुस्कान गुप्ता, पीयूष दुबे, नितीश पाण्डेय मनु, संजय सिंह पगार, सत्य प्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे।