बस्ती। शहर के बीच स्थित प्रमुख औद्योगिक केंद्र गांधीनगर की पुरानी सब्जी मंडी की गलियों व मुख्य सड़क अतिक्रमण का शिकार हो गई है। सड़क पर दुकानदार अपना सामान फैला लेते हैं। उसी में ठेले वाले घुस जाते हैँ। यहां की दुश्वारी दूर करने के लिए न तो मंडी के ठीक सामने चौकी पर मौजूद पुलिस कुछ कर पाती है और न ही नगर पालिका प्रशासन ही अतिक्रमण हटवाने के प्रति गंभीर है।
गांधीनगर क्षेत्र की सब्जी मंडी आजादी के पहले से चल रही है। यहां की दुकानें जर्जर हो चुकी हैं। सबसे बुरी स्थिति यहां की मुख्य सड़क व गलियों की है। यहां देर रात तकरीबन 11 बजे तक लोग सब्जी की खरीदारी करते हैं। मुख्य सड़क व गलियोें में स्थायी दुकानदारों की सामग्री तो बिकती ही है, साथ ही ठेले व फुटकर दुकानदार भी दुकानें सजाए रहते हैं। जो जगह बचती है, वहां दोपहिया वाहन खड़े रहते हैं। लिहाजा जरूरतमंद लोग किसी तरह सब्जी व अन्य सामग्री खरीद पाते हैं। यही नहीं, अगर किसी से टोकाटोकी करते हैं तो झड़प भी हो जाती है। इन गलियों को पार करने में लोगों की हालत खराब हो जाती है। जबकि इन्हीं गलियोें से होकर यहां के तुरकहिया वार्ड के नागरिकों व गल्ला मंडी में पहुंचने वाले खरीदारों का आवागमन भी होता है।
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खरीदारों व नागरिकों ने सुनाई पीड़ा
यहां खरीदारी करने आए रौतापार निवासी प्रमोद त्रिपाठी, बैरिहवां निवासी धर्मेंद्र चौधरी, बड़े वन निवासी शशि बिंदु चौधरी व कटरा निवासी गोपाल आदि ने बताया कि हम लोग मुख्य सड़क पर वाहन खड़ी कर खरीदारी करने आते हैं ताकि आसानी हो। जबकि यहां तो पूरी गली ही अतिक्रमण की चपेट में रहती है। यहां सबसे अधिक स्थायी दुकानदार अपना सामान सड़क पर सजाते हैं और ठेला व फुटकर व्यवसायी अलग से कब्जा जमाए रखते हैं। अगर उनका सामान गिर जाता है तो मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
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साल में पांच गुना बढ़ गया दुकानों का किराया
यहां के व्यवसायी रंगी लाल, बंशीधर सोनकर, सोमनाथ व इरशाद आदि ने बताया कि पहले हम लोग नगर पालिका को दुकानों का किराया महज सौ रुपये हर महीना देते थे। इधर, साल भर से पांच सौ रुपये जमा करवाया जा रहा है। जबकि दुकानें पूरी तरह से जर्जर और जानलेवा हो चुकी हैं। किसी तरह से हम लोग दुकानें संचालित कर परिवार की जीविका चला रहे हैं।
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दूर होगी सब्जी मंडी की दुश्वारी
नगर पालिका के ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि सब्जी मंडी का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटवाया जाएगा और जर्जर दुकानों के सुदृढ़ीकरण के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी।
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