ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मियों के हक के लिए शनिवार को सफाई कर्मचारी संगठनों ने अपनी आवाज बुलंद की। एक संगठन ने सदर तहसील परिसर में धरना दिया तो दूसरे ने प्रेस क्लब सभागार में बैठक करने के बाद डीएम को ज्ञापन देकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की।
उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर सदर तहसील परिसर में धरना दिया। जिलाध्यक्ष अजय कुमार आर्य ने कहा कि मांगे नहीं मानी गई तो तीन अगस्त को प्रांतीय अध्यक्ष की अगुवाई में सीएम आवास का घेराव किया जाएगा। जिला मंत्री लालबहादुर, संगठन मंत्री शिवमंगल पांडेय और कोषाध्यक्ष रहमत अली ने कहा कि सफाई कर्मियों को पंचायत सेक्रेटरी के पद पर प्रमोशन दिया जाए, प्रधानों के संरक्षण में रखा जाए, मगर पेरोल की व्यवस्था समाप्त की जाए। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद कलीम, उपाध्यक्ष शिवकुमार, विमल यादव, संजय यादव, बजरंगी, जंगबहादुर, रमेशचंद्र, सुरेंद्र कुमार, रामबहादुर, आशाराम, दिनेश श्रीवास्तव, राजेश कुमार मुकेश यादव, अनिल श्रीवास्तव, लालमणि, रुदल, विजयसेन पटवा, सत्यराम सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश पंचायत राज सफाई कर्मचारी संघ ने डीपीआरओ की ओर से कई मांगो को मानने के बाद उस पर क्रियान्वयन न होने पर प्रेस क्लब सभागार में बैठक की। जिलाध्यक्ष अतुल कुमार पांडेय ने कहा कि डीपीआरओ ने छह जुलाई को संघ की ओर से प्रस्तुत नौ मांगो पर सहमति जताते हुए उनके क्रियान्वयन की बात कही गई थी। इनमें से आज तक किसी भी बिंदु पर अमल नहीं किया गया। इससे सफाई कर्मचारियों में नाराजगी है। जिला मंत्री सोमईराम आजाद ने कहा कि सेवा पुस्तिका को अद्यतन पूर्ण कराए जाने की प्रक्रिया भी अब तक गति नहीं पकड़ सकी। विकलांग एंव महिला सफाई कर्मचारियों को उनके ब्लाक में ही स्थानांतरित करने की मांग भी पूरी नहीं की गई। संरक्ष महेंद्र चौहान ने कहा कि अब पंचायत विभाग के किसी भी आंदोलन में सफाईकर्मी हिस्सा नहीं लेंगे। बैठक के बाद सफाईकर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंच डीएम को ज्ञापन दिया।