बस्ती। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति की तरफ से सोमवार को आईटीआई मुख्य द्वार के निकट आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार भद्रसेन सिंह बंधु को सम्मानित किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि जीवन और प्रगति से जुड़ी कड़ी है। अब इस विकास यात्रा के सामने देवनागरी लिपि को सहेजने की बड़ी चुनौती है।
प्रो. रघुवंशमणि त्रिपाठी ने कहा कि दुनिया में हिंदी भाषियों की संख्या बढ़ रही है। समिति अध्यक्ष बीएन शुक्ल ने कहा कि हिंदी आज रोजी-रोटी की भाषा बन चुकी है। डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कविता के माध्यम से हिंदी की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन हुआ। इसमें डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’, सागर गोरखपुरी, पेशकार मिश्र, डॉ. राजेंद्र सिंह राही, अजीत श्रीवास्तव, अफजल हुसैन अफजल, डॉ. वीरेंद्र त्रिपाठी, शाद अहमद शाद, दीपक सिंह प्रेमी, तौव्वाब अली, अर्चना श्रीवास्तव, परमात्मा प्रसाद निर्दोष आदि ने काव्य पाठ किया।
सम्मेलन में मुख्य रूप से साधू शरण शुक्ल, प्रदीप श्रीवास्तव, कृष्ण चंद्र पाण्डेय, नंदलाल चौधरी, राकेश सिंह, सामईन फारूकी समेत बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, वरिष्ठ नागरिक और स्थानीय लोग मौजूद रहे।