फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों को नहीं मिला गेहूं बीज पर अनुदान

Fri, 29 Jan 2016 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। गेहूं बीज सहित अन्य कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान के लिए सरकार की ओर चलाई जा रही डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनफिट ट्रांसफर योजना का लाभ किसानों को समय से नहीं मिल पा रहा है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बावजूद दो हजार से अधिक किसानों को गेहूं बीज का अनुदान नहीं मिल सका है।
विज्ञापन


उप निदेशक कृषि कार्यालय की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में 9512 किसानों ने गेहूं सहित दलहन और तिलहन के बीजों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। सामान्य बीज पर किसानों को प्रति क्विंटल दो हजार रुपये का अनुदान मिलने हैं। इसमें एक हजार राज्यांश और एक हजार केंद्रांश है।

प्रदर्शन के मद में लगभग 66 लाख और सामान्य में एक करोड़ 44 लाख रुपये से अधिक का अनुदान किसानों के खाते में जाना है। मगर जो आंकड़े सामने आएं हैं, उसके तहत अभी तक सभी किसानों के खाते में अनुदान का धन ही नहीं गया। अनुदान का धन भेजने की जिम्मेदारी उप निदेशक कृषि और बिल बनाने की जिला कृषि अधिकारी कार्यालय की है।
विज्ञापन


इंटरनेट से मिली जानकारी के मुताबिक, बिल तो सभी किसानों का उप निदेशक कार्यालय भेज दिया गया, मगर सभी किसानों के खाते में अभी तक धन नहीं भेजा गया। इसके चलते किसान अनुदान के लिए परेशान हैं। कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। प्रभारी उप निदेशक कृषि एसके दुबे ने बताया कि तकनीकी और ट्रेजरी सहित अन्य कारणों से शत-प्रतिशत किसानों के खाते में अनुदान नहीं भेजा जा सका। बताया कि वैसे इस मामले में बस्ती जिला पूरे प्रदेश में अव्वल है। बताया कि 65 फीसदी से अधिक किसानों के खाते में धन भेजा जा चुका है, और 31 जनवरी से पहले सभी के खाते में धन भेज दिया जाएगा।

वजह चाहे जो भी हो मगर किसानों को समय पर अनुदान देने की सरकार की मंशा धूमिल हो रही है। इंटरनेट से मिली जानकारी के मुताबिक, बीज सहित अन्य कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए जिले के कुल 55506 किसानों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया गया। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पिछले सितंबर से ही चल रहा है।

15 जनवरी तक आवेदन किया गया। नियम है कि जिला कृषि अधिकारी कार्यालय संबंधित ब्लॉकों से किसानों द्वारा खरीदे गए बीज का बिल मंगा कर उसे अनुदान के लिए डीडी कार्यालय भेजना है। फीडिंग कराना भी जिला कृषि अधिकारी कार्यालय की जिम्मेदारी है।

हालांकि अनुदान भेजने के शासन द्वारा कोई समय सीमा नहीं निर्धारित किया गया है, मगर माना जा रहा है 31 जनवरी तक सभी किसानों के खाते में अनुदान की धनराशि पहुंच जानी चाहिए। भाकियू के मंडल महासचिव शोभाराम ठाकुर ने बताया कि विभाग की लापरवाही से किसानों के खाते में अनुदान का धन समय से नहीं पहुंच पा रहा है। बताया कि तीन दिन में विभाग कैसे अवशेष 35 फीसदी किसानों के खाते में अनुदान भेज देगा, यह एक बड़ा सवाल है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें