- घनश्याम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमें दे रही दबिश
- केस दर्ज होने के बाद से फरार हो गए नायब तहसीलदार घनश्याम, प्रशासन ने घर भेजा निलंबन आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महिला अधिकारी से दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के मामले में नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ला की तलाश पुलिस सात दिन से कर रही है। सरकारी से लेकर गोरखपुर व महराजगंज के पैतृक आवास पर पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी घनश्याम हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत या गिरफ्तारी पर रोक के लिए जा सकते हैं। इस आशंका को देखते हुए पुलिस की एक टीम ने शुक्रवार को हाईकोर्ट प्रयागराज में डेरा डाल दिया है।
घटना के छह दिन बाद महिला अधिकारी की तहरीर पर नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म के प्रयास, उत्पीड़न और मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद डीएम विशाखा कमेटी के दिशा निर्देशों पर तीन महिला राजपत्रित अधिकारियों की टीम गठित कर दी। इस टीम ने अपनी जांच में घनश्याम को क्लीन चिट दे दिया गया था। रिपोर्ट में उतरौला के एक तीसरे व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध बताई गई। जिसने आरोपी नायब तहसीलदार को महिला अधिकारी के मोबाइल से व्हाट्सएप काॅलिंग कर अभद्रता की थी। इस विवाद के बाद आरोपी नायब तहसीलदार को महिला अधिकारी के घर में घुसने की घटना हुई थी। रिपोर्ट शासन को मिली तो 21 नवंबर को घनश्याम को निलंबित कर दिया गया। वहीं, न्यायालय ने वारंट जारी कर दिया। वारंट मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई।
छह दिन की तलाश के बाद घोषित किया इनाम
आरोपी नायब तहसीलदार को पकड़ने के लिए पुलिस ने वारंट मिलते ही सरकारी से लेकर गोरखपुर और महराजगंज के पैतृक आवास पर दबिश दी। वहीं करीब 50 संभावित ठिकानों पर पुलिस टीम गई, लेकिन खाली हाथ वापस आ गई। इसके बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने नायब तहसीलदार पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। शुक्रवार को तलाश में पुलिस की एक टीम हाईकोर्ट प्रयागराज के बाहर पहुंच गई। पूरे दिन वहां इंतजार करती रही।
विशाखा टीम की रिपोर्ट से घनश्याम को मिल सकती है मदद
आरोपी घनश्याम को विशाखा टीम की जांच रिपोर्ट से भरपूर मदद मिल सकती है। विधि के जानकार भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं। पूर्व सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव के अनुसार जब प्रशासनिक जांच के दौरान घटना में एक तीसरे व्यक्ति के भूमिका की पुष्टि हुई है तो पुलिस के जांच में उस व्यक्ति को भी शामिल करना चाहिए। यदि पुलिस इस तथ्य से नहीं जुड़ेगी तो न्यायालय इसका संज्ञान स्वयं ले सकता हैं। कुल मिलाकर मामला अभी भी पेंचीदा बना हुआ है।
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अब होगी 82 की कार्रवाई
घनश्याम की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस न्यायालय में 82 की कार्रवाई के लिए सिफारिश भी कर सकती हैं। इसके तहत न्यायालय से जारी नोटिस आरोपी घनश्याम के घर चस्पा की जाएगी। इसके बाद यदि उसका समर्पण या गिरफ्तारी नहीं हुई तो 83 यानी कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
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अग्रिम जमानत के लिए पहले जनपद न्यायालय में देनी होगी अर्जी
घनश्याम को अग्रिम जमानत भी आसानी से नहीं मिल सकती है। इसके लिए उसे पहले जनपद न्यायालय में अर्जी देनी होगी। यहां से अग्रिम जमानत मंजूर न होने पर ही वह इसके लिए उच्च न्यायालय जा सकते हैं। ऐसे में पुलिस का पहरा स्थानीय न्यायालय के बाहर भी लगा है।
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क्या हैं प्रकरण
नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल के साथ कार्य कर रही महिला राजस्व अधिकारी ने 16 नवंबर को आरोप लगाया कि 11/12 नवंबर की रात घनश्याम उनके घर में घुस गए। उनके जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। मारपीट और उत्पीड़न भी किया।