संवाद न्यूज एजंसी
बस्ती। सावधान...साइबर अपराधियों ने ठगी का नया हडकंड़ा का अपनाया है। किसी को दोस्त का भाई बनकर फोन कर रहे हैं तो किसी को दूर का जीजा। मकसद एक ही रहता है कि बैंक खाते की डिटेल हासिल करना। इसके लिए झांसा देते हैं उपहार भेजने या फिर कैश जमा कराने का। यदि आप इनके झांसे में आ गए तो बैंक का खाता खाली होना तय है। जिला साइबर सेल के पास दस दिन में ऐसी आधा दर्जन शिकायत आईं हैं।
साइबर अपराधी ट्रू कॉलर जैसे एप की मदद से उस शख्स का नाम मालूम कर लेते हैं। इसके बाद फोन नाम लेकर बुलाते हैं। ऐसे में जिसके पास फोन आया होता है, भ्रम में पड़ जाता है। ऐसे में साइबर अपराधियों की बातों में फंसकर बैंंक खाते का डिटेल बता देता है। कुछ ऐसी ही घटनाएं इन दिनों हो रही हैं।
शहर के मालवीय रोड निवासी दिव्यांश चेन्नई में पढ़ते हैं। दिवाली की रात साइबर ठग ने उसके दोस्त राहिल का नाम लिया। बोला क्या गूगल पे चलाते हैं। जैसे ही उन्होंने हां कहा तत्काल नंबर मांगा। बोला मेरे कुछ रुपये उधार थे, उसी धन को बकायेदार देने को कह रहा है। करीब 40 हजार रुपये हैं अपना गूगल पे नंबर बता दें उसी पर भिजवा देता हूं। कुछ रख कर शेष वापस कर देना। इसकी जानकारी दिव्यांश ने तत्काल परिवार के लोगों को दी। परिवार ने इसे साइबर सेल को बताया। ऐस में वह ठगी से बच गया।
एक अन्य मामले में शहर के गांधी नगर निवासी मुरारी शंकर के पास 15 नवंबर को फोन आया। साइबर ठग ने कहा कि वह रिश्ते का जीजा बोल रहा है लखनऊ से। कुछ उपहार में कैश भेजना चाहता है, खाते की डिटेल चाहिए। मुरारी समझ गए और तत्काल इसकी सूचना साइबर सेल को दी।
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फोन पर न दें खाते की जानकारी
1. कोई फोन पर आपके खाते की जानकारी मांगे तो भूल से भी न दें।
2. यदि कोई आपके पास रिक्वेस्ट मनी भेजे तो इसे क्लिक न करें, आपका डाटा उसके पास पहुंच सकता है।
3. सोशल मीडिया पर आने वाले लिंक को न खोलें, डाटा चोरी हो सकता है।
(जिला साइबर सेल के सुभाष चंद्र सिंह के सुझाव)