बस्ती। जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की हड़ताल से 250 आरोग्य मंदिरों पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं। स्क्रीनिंग और टेलीमेडिसिन सेवा बाधित होने से महिलाओं समेत अन्य मरीजों को खून की जांच और परामर्श के लिए भटकना पड़ रहा है। टीकाकरण के बाद बच्चों व लाभार्थियों का ब्योरा यूविन पोर्टल पर अपलोड करने में भी परेशानी आ रही है।
जिले में संचालित 250 आरोग्य मंदिरों पर तैनात सीएचओ मरीजों की स्क्रीनिंग समेत कई स्वास्थ्य सेवाएं देते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रत्येक सीएचओ को एक माह में 1200 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग करनी होती है। हड़ताल के कारण यह काम प्रभावित हो रहा है। मरीजों को जांच और परामर्श के लिए दूसरे केंद्रों या जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ रहा है। वहीं, पोर्टल पर डाटा फीडिंग प्रभावित होने से विभाग को समय पर आंकड़े नहीं मिल पा रहे हैं। आरोग्य मंदिरों पर टेलीमेडिसिन के तहत प्रतिदिन पांच से 10 मरीजों को परामर्श देने का भी लक्ष्य है लेकिन सीएचओ की हड़ताल से यह सेवा भी प्रभावित है। स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण के साथ स्क्रीनिंग और संबंधित कार्यों के लिए एएनएम को जिम्मेदारी सौंपी है। मरीज विकल्प तलाश रहे हैं। बताया कि केंद्र पर 14 प्रकार की जांच होती है, जिसमें ब्लड भी है। ऐसे में महिला मरीजों को परेशानी हो रही है।
वहीं, संगठन के जिलाध्यक्ष प्रवेश पटेल ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एएनएम को स्क्रीनिंग के लिए प्रशिक्षित नहीं किया गया है। ऐसे में उन्हें यह जिम्मेदारी देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि सीएचओ की अनुपस्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने के लिए एएनएम को जिम्मेदारी दी गई है।