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खुल गए स्कूल, नहीं बदली तस्वीर

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एक स्कूल में पढ़ा रही अभिभावक। - फोटो : amar ujala
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बस्ती। तमाम कवायदों के बाद भी प्राथमिक विद्यालयों की हालत में कोई सुधार नहीं है। इन स्कूलों की रंगाई-पुताई जरूर हुई, मगर व्यवस्थागत ढांचा जीर्णशीर्ण ही है। अमर उजाला ने कैमरे की नजर से हालात को रेखांकित किया।  
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बुधवार को स्कूल का दूसरा दिन। नगर क्षेत्र में टीम प्राथमिक विद्यालय तुरकहिया का हाल जानने पहुंची। यहां 39 बच्चों का नामांकन है, जिसके सापेक्ष 16 बच्चे उपस्थित थे। विद्यालय में दो शिक्षक तैनात हैं, जिसमें एक शिक्षामित्र व प्रधानाध्यापक हैं। स्कूल में शिक्षामित्र की तबीयत खराब होने के कारण वे घर जा चुकी थीं, यहां एक अभिभावक बच्चों को पढ़ाते हुए मिलीं। बताया गया कि बारिश के कारण विद्यालय भवन के कमरों में पानी टपकता है। जिसके कारण विद्यालय में रखा समान खराब हो गया। मिड-डे मील के लिए कोटेदार ने राशन नहीं दिया मगर प्रधानाध्यापक हामिदा खातून बजार से राशन लाकर बच्चों के लिए भोजन बनवाती हैं। विद्यालय में बिजली का कनेक्शन न होने के कारण बच्चे गर्मी मेें परेशान दिखे। विद्यालय परिसर चहारदीवारी न होने से गंदगी फैली मिली। इन हालातों को देखने के बाद टीम बीएसए परिसर में संचालित तीन स्कूलों का हाल जानने पहुंच गई। यहां की हालत और खराब मिली। प्राथमिक विद्यालय रौतापार में 18 छात्रो का नामांकन है, जिसमें सभी उपस्थित पाये गए। यह स्कूल एकल शिक्षक है, जिसमें साईदा अंजुम की तैनाती है वह सभी कक्षाओं के छात्रों एक साथ पढ़ाती हैं। बच्चे जमीन पर बैठ कर पढ़ते मिले। वहीं प्राथमिक विद्यालय बभनंगावा चलता, जिसमें 62 बच्चों का नामांकन है, 30 छात्र उपस्थित थे। विद्यालय में बिजली का कनेक्शन नहीं मिला हैै। शौचालय के पास झाड़ी उगी हुई है। एक शिक्षिका के भरोसे विद्यालय को संचालित किया जा रहा है। राजकीय आदर्श विद्यालय जूनियर हाईस्कूल जो काफी पुराना है लेकिन सुविधा न के बराबर है विद्यालय का छत बारिश में टपकती है बैठने के लिए कुर्सी-बेंच नहीं हैं। अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं मिला है। परिसर में पानी भरा रहता है। विद्यालय में 15 छात्रों के लिए तीन शिक्षकों की तैनाती हुई है। 
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