कायाकल्प में आएंगे 2206 विद्यालयों के अच्छे दिन
बस्ती। ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदलने का मन शासन ने बनाया है। इसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई है। मिशन कायाकल्प के जरिए मार्च-2020 तक स्कूलों में संसाधनों को सुसज्जित कर व्यवस्था चाक-चौबंद बनाई जाएगी।
जिले में 1747 प्राथमिक विद्यालय और 639 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। बीते सत्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायत निधि से विद्यालयों को कायाकल्प करना था, लेकिन जिले में सिर्फ 180 स्कूलों में भवन की रंगाई-पुताई, चारदीवारी, अतिरिक्त कक्ष, गेट, शौचालय, पेयजल सुविधा, विद्युतीकरण और परिसर के सड़क को इंटरलॉकिंग कराया गया था। ग्राम पंचायतों के रुचि न लेने के कारण यह योजना शत-प्रतिशत नहीं हो सकी है। इसे देखते हुए महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने विद्यालयों को कायाकल्प में शामिल करते हुए विद्यालयों में संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नए निर्देश के तहत प्राथमिक विद्यालयों में ब्लैकबोर्ड, हैडवॉश, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर समेत अन्य सुविधाओं के बारे में जिले से रिपोर्ट मांगी गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर चालू वित्तीय वर्ष में प्लान तैयार होगा। शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए ग्राम पंचायत निधि का उपयोग प्रशासन के माध्यम से होगा। बीएसए अरुण कुमार ने जिले के 2206 स्कूलों की सूची प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजी है। अब शासन रिपोर्ट के आधार पर संसाधनों की कमी पूरी करेगा। शासन की सहमति के बाद ग्राम निधि खातों में व्यवस्थागत ढांचे को सुधारने के लिए धन वित्त विभाग भेजेगा। बीएसए अरुण कुमार ने कहा कि जितने स्कूलों को कायाकल्प से लाभ नहीं मिल सका है। उनकी सूची व संसाधनों की जरूरत की रिपोर्ट प्रशासन के माध्यम से भेज दी गई है। जैसे ही शासन ने संस्तुति देकर धन उपलब्ध कराया, गुणवत्तापूर्ण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।