सेक्रेट्री और प्रधान ने मिलकर कागजों में सब्जी की खेती करके सवा तीन लाख रुपये गटक लिए। जांच में मामला खुला तो डीपीआरओ ने सेक्रेट्री के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया है।
मामला सल्टौआ गोपालपुर के ग्राम पंचायत आमा नरायनपुर का है। वहां तैनात रहे तत्कालीन ग्राम पंचायत सेक्रेट्री और वर्तमान में विकास खंड हर्रैया में तैनात सेक्रेट्री आनंद स्वरूप सिंह से पत्र भेजकर एक हफ्ते में जवाब मांगा गया है। यहां सब्जी और फूल गोभी की खेती को बढ़ावा देने के मद में आए 3,25,237 रुपये जारी किए गए थे। सेक्रेट्री को इस धन का दुरुपयोग करने का दोषी पाए जाने पर आरोप पत्र जारी किया गया है। इस मामले में तत्कालीन ग्राम प्रधान को भी दोषी माना गया है। जांच गांव के कुमार गौरव के शिकायत पर की गई।
गांव में सब्जी की खेती के लिए 1,11,500 रुपये का प्राकलन बनाया गया। परियोजना पर 17 लाभार्थियों के नाम पर सामग्री खर्च 41,683 और मजदूरी खर्च 66,825 दिखाकर कुल 1,08,509 रुपये व्यय दिखाया गया। स्थलीय सत्यापन में गांववालों का इस तरह की किसी भी परियोजना का होने से इंकार किया। इसके लिए तत्कालीन प्रधान, तकनीकी सहायक और पंचायत सेक्रेट्री को दोषी माना गया। इसी तरह फूल गोभी के उद्यानीकरण कार्य के लिए दो लाख 16 हजार रुपये का प्राकलन तकनीकी सहायक जेएन गौतम की ओर से बनाया गया।
इस पर दो लाख 13 हजार 629 रुपये व्यय किए गए। स्थलीय सत्यापन में लाभार्थी शिवप्रसाद पुत्र कन्हई ने बताया कि उसे इस योजना की जानकारी ही नही है। बता दें कि जांच रिपोर्ट आने के बाद धन की रिकवरी का आदेश पहले ही दिया जा चुका है।